मीडिया से रूबरू हुए नीम करौली बाबा का किरदार निभाने वाले अभिनेता
कोरबा। कैंचीधाम नैनीताल उत्तराखण्ड के पीठाधीश्वर नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश में नीम करौली बाबा का किरदार निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्य आज जश्न-ए-रिसोर्ट के सभागार में पत्रकारवार्ता ली और कहा कि हनुमान अंश का मुख्य उद्देश्य देश-दुनिया में नीम करौली बाबा के जीवन की प्रेरणा-सभी से प्रेम, सबकी सेवा, भूखों को भोजन कराना, सुमार्ग पर चलें, भक्ति करें का संदेश देना है। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि माया के प्रकोप से सिर्फ भगवान का आशीर्वाद ही बचा सकता है। प्रेसवार्ता में शोभिनव सत्य के साथ महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, घंटाघर में आयोजित रामलीला की प्रबंधक तन्नुप्रिया उपस्थित थे। पत्रकारवार्ता में मंच संचालन अधीक्षण अभियंता अखिलेश शुक्ला ने की। यहां उपायुक्त पवन वर्मा सहित भाजपा के नेतागण भी उपस्थित थे।

शोभिनव ने आगे कहा- वैसे तो मैं पहले से हनुमान भक्त और सात्विक जीवन जीने वाला आम आदमी हूं। 2018 से मैं हनुमान की उपासना करते आ रहा हूं और हनुमान जी का आशीर्वाद ही है कि मुझे नीम करौली बाबा का किरदार निभाने का मौका मिला। हनुमान अंश के डायरेक्टर डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने नीम करौली बाबा के लिए किरदार की खोज की, जिसमें मैं शतप्रतिशत खरा उतर सका और हनुमान जी का यह आशीर्वाद ही था कि मुझे 2018 से ही इस रोल के लिए हनुमान जी तैयार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा में अनंत शक्ति है और सभी समस्या का समाधान भी।
2025 से शुटिंग प्रारंभ हुई, जिसमें कई बार आर्थिक समस्या भी आई
02 करोड़ की बजट वाली मूवी हनुमान अंश की शुटिंग 2025 में प्रारंभ हुई और 2026 में रिलिज हुई। उन्होंने अपना अनुभव साझा किया और कहा कि शुटिंग के दौरान कई बार डायरेक्टर एवं प्रोड्यूसर (अनुप्रिया नागर) को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन हनुमान जी साथ थे, इस तरह की और कई समस्याएं आती थीं, तब डायरेक्टर टीम को हनुमान चालीसा का पाठ करने को कहते थे। हम 20-25 मिनट तक हनुमान चालीसा पढ़ते, तब तक समस्या दूर हो जाए रहती थी। हनुमान चालीसा का पाठ एक चमत्कार है।
हमारे पास प्रमोशन के लिए पैसे नहीं थे
आज किसी भी फिल्म का हिट होने के लिए प्रमोशन भी हिट होना चाहिए, लेकिन हनुमान अंश के प्रमोशन के लिए डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के पास पैसे नहीं थे और हमने फिल्म रिलिज कर दी। तीन-चार दिन तक फिल्म को ज्यादा रिस्पांस नहीं मिला, लेकिन यह हनुमान जी और नीम करौली बाबा का चमत्कार ही कहें कि तीन-चार दिन के बाद हनुमान अंश बच्चों-बच्चों के जुबान पर पहुंचा और बाक्स आफिस पर फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कि फिल्म जब तीन-चार दिन नहीं चली, लेकिन हमें पूरा विश्वास था कि हनुमान अंश घर-घर की कहानी, कीर्तन, भजन के रूप में हर घर में पहुंचेगा।
हनुमान अंश के बाद जो भी फिल्म करूं, लेकिन मर्यादा में रहकर
शोभिनव सत्य ने कहा कि हनुमान अंश में नीम करौली बाबा का किरदार मेरे रोम-रोम में बस चुका है। मैंने बचपन से लेकर अब तक कभी किसी को अपशब्द नहीं बोले, सबके साथ प्रेम व्यवहार मेरे जीवन का हिस्सा रहा और इस किरदार ने तो मेरी मर्यादा बांध दी, जिसे कभी भी कोई भी फिल्म रोल मिले, मर्यादा के बंधन को सदैव स्मरण में रखूंगा।
एक प्रश्न के जवाब में कहा-फिल्में समाज की आईना होती हैं और फिल्म देखकर युवा उसी ओर आकर्षित होते हैं। हमारी फिल्म का उद्देश्य सभी को एक-दूसरे से प्रेम करना सिखाना, सबकी सेवा करना, जिसमें जानवर भी शामिल हैं, भूखों को भोजन कराना, सेवा भाव से किसी का कष्ट और परेशानी को कम करना या दूर करना, जो संतों का भी संदेश होता है।
