नई दिल्ली , एजेंसी। 54 साल की हरिनी अमरसूर्या श्रीलंका की 16वीं प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वो प्रधानमंत्री बनने वाली देश की तीसरी महिला हैं। राजनीति शुरू करने से पहले वो श्रीलंका की ओपन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रह चुकी हैं।
हरिनी ने भारत के दिल्ली विश्विद्यालय से ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने DU के हिंदू कॉलेज में सोशियोलॉजी की पढ़ाई की है।
मिल आंदोलन की वजह से स्कूल-कॉलेज बंद हुए
साल 1988-89 में श्रीलंका में तमिल आंदोलन को लेकर हालात हिंसक हो गए। इस दौरान स्कूल, कॉलेज बंद हो गए। ऐसे में हरिनी अमरसूर्या आगे की पढ़ाई के लिए भारत आ गईं।
भारत से लौटने के बाद अमरसूर्या श्रीलंका में एक NGO से जुड़ गईं, वहां वह सुनामी से प्रभावित हुए बच्चों की मदद करती थीं। इसके कुछ सालों बाद वह PhD की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया चली गईं। वहां से लौटने के बाद 2011 में एक कॉलेज में प्रोफेसर बनीं।
2020 में पहली बार जीता चुना
हरिनी अमरसूर्या ने साल 2015 में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। इसी दौरान उनका अरुणा कुमार दिसानायके से संपर्क हुआ। दिसानायके इस वक्त श्रीलंका के राष्ट्रपति हैं।
साल 2019 में हरिनी दिसानायके की पार्टी नेशनल पीपल्स पावर पार्टी से जुड़ गईं। साल 2020 में वह संसदीय चुनाव जीतकर पहली बार सांसद बनीं। एक राजनेता के तौर पर हरिनी लैंगिक समानता, LGBTQ+ राइट्स, एनिमल वेलफेयर और शिक्षा जैसे मुद्दों पर बात करती रही हैं।

