माँ सर्वमंगला घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, संतों के सानिध्य में हुआ धार्मिक अनुष्ठान
हसदेव आरती के एक वर्ष पूरे, श्रद्धा और जनसहभागिता का दिखा अनूठा संगम

कोरबा। नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा हसदेव नदी के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरण के उद्देश्य से आयोजित हसदेव आरती का प्रथम वार्षिकोत्सव देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर माँ सर्वमंगला मंदिर घाट, कोरबा में श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और प्रकृति प्रेमियों ने भाग लेकर हसदेव नदी के संरक्षण एवं स्वच्छता का सामूहिक संकल्प लिया।
नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा आयोजित इस विशेष अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हसदेव नदी और उसके प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित रखने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ हसदेव आरती में भाग लिया और नदी को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए समाज की सहभागिता को आवश्यक बताया गया।
वार्षिकोत्सव संत राम रूप दास महात्यागी, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय संत समिति, छत्तीसगढ़ ‘रामाश्रय’ श्री हरिहर क्षेत्र केदार, मदकू द्वीप के सानिध्य में संपन्न हुआ। उनके सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की, वहीं नदियों के महत्व को ध्यान में रखकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट यजमान के रूप में हितानंद अग्रवाल, श्रीमती धन कुमारी गर्ग, श्रीमती उर्वशी राठौर तथा अजय कुमार चन्द्रा, सभी महापौर परिषद सदस्य, नगर पालिक निगम, कोरबा ने सहभागिता निभाई। महापौर ने नमामि हसदेव सेवा समिति के दर्री बाँध से कुदूरमाल पुल तक नदी के दोनो किनारे पर रिवर फ्रंट के निर्माण के मांग पर विचार-विमर्श कर कार्य करने की बात कहीं, सभी जनप्रतिनिधियों ने भी हसदेव नदी के संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए समिति के प्रयासों की सराहना की।
नमामि हसदेव सेवा समिति ने बताया कि समिति लंबे समय से हसदेव नदी, उसकी सहायक नदियों तथा अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने, उनके संरक्षण तथा नदी तटों के सौंदर्यीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी अभियान के तहत प्रत्येक माह पूर्णिमा के अवसर पर माँ सर्वमंगला मंदिर घाट में हसदेव आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें लगातार बढ़ती संख्या में नागरिक शामिल होकर नदी संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संवर्धन के महत्व से भी अवगत कराया गया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि हसदेव आरती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का एक सशक्त अभियान बन चुकी है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढिय़ों के लिए हसदेव नदी और प्राकृतिक जल स्रोतों को सुरक्षित रखना है।
नदी संरक्षण के संदेश के साथ सफल रहा आयोजन
देवशयनी एकादशी के अवसर पर आयोजित हसदेव आरती का प्रथम वार्षिकोत्सव धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने हसदेव नदी को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाने तथा समिति के संरक्षण अभियान में निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया।
