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रायपुर में तेज बारिश, दोपहर में छाया अंधेरा:10 जिलों में अलर्ट, 9 में बाढ़ का खतरा, बिलासपुर में घरों-दुकानों में घुसा पानी

रायपुर,एजेंसी। रायपुर और रायगढ़ में गुरुवार दोपहर तेज बारिश हुई। रायपुर में घने बादलों के कारण दोपहर 3 बजे ही अंधेरा छा गया। इस बीच मौसम विभाग ने 9 जिलों बलरामपुर, बालोद, बलौदाबाजार, धमतरी, दुर्ग, कोरिया, महासमुंद, रायपुर और सूरजपुर में अचानक बाढ़ आने का खतरा जताते हुए अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा आज सेंट्रल छत्तीसगढ़ के दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, महासमुंद, गरियाबंद सहित 10 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। रायपुर-बेमेतरा, कबीरधाम सहित 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

बिलासपुर में भी गुरुवार को तेज बारिश हुई। जिससे सड़कों, दुकानों और गलियां में पानी भर गया। एक घंटे की बरसात में लोगों के घरों में भी पानी घुसने लगा।

बिलासपुर में गुरुवार दोपहर एक घंटे की बारिश में गलियों में पानी भर गया।

नवा रायपुर में गुरुवार दोपहर तेज बारिश हुई। अगले 24 घंटे अलर्ट जारी किया गया है।

राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, महासमुंद, गरियाबंद सहित 10 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट।

नवा रायपुर में बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। बारिश से बचते सफाई कर्मचारियों की तस्वीर।

नवा रायपुर में बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। बारिश से बचते सफाई कर्मचारियों की तस्वीर।

रायपुर में बारिश और छाए घने बादल, इस कारण दोपहर में ही अंधेरा छा गया।

बिलासपुर में एक घंटे की बरसात में अज्ञेय नगर में पानी भर गया।

अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। इसके बाद कल यानी 11 जुलाई से बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है। बुधवार को दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश हुई है। कवर्धा जिले के भौराटोला में बिजली गिरने से नाबालिग की मौत हो गई।

शिवनाथ नदी में बाढ़ का खतरा

राजनांदगांव में लगातार बारिश के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जिससे 4 जलाशयों से कुल 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। मोंगरा बैराज से 20 हजार क्यूसेक, घुमरिया नाला बैराज से 10,800 क्यूसेक, सूखा नाला बैराज से 5,200 क्यूसेक और खातू टोला बैराज से 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

बता दें कि राजनांदगांव जिले में अब तक 250 मिमी पानी बरसा है जो औसत से 10 मिमी अधिक है। इसमें से 156 मिमी बारिश पिछले चार दिनों में ही हुई है।

राजनांदगांव में बारिश के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

शिवनाथ नदी में फंसे 32 मजदूरों का रेस्क्यू

इससे पहले बुधवार को दुर्ग के थनौद गांव में शिवनाथ नदी में आई बाढ़ में फंसे 32 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। सभी भारत माला परियोजना में काम करने आए थे। तभी नदी का जलस्तर बढ़ गया। बता दें कि लगातार बारिश से प्रदेश में कई नदी-नाले उफान पर हैं।

कवर्धा जिले के भौराटोला में बिजली गिरने से नाबालिग की मौत हो गई।

रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा बारिश

इसके अलावा कवर्धा जिले में ही एक ही परिवार की दो महिलाओं की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं चरोटा भाजी (साग) तोड़ने गई थीं। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और गरज-चमक के साथ बिजली गिर पड़ी। यह घटना घटना 8 जुलाई की शाम लगभग 6:00 बजे की है।

छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 336.3 मि.मी. औसत बारिश दर्ज की गई है। रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 473.5 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 153.0 मिमी बारिश हुई है।

कवर्धा में 2 महिलाओं की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।

दुर्ग के शिवनाथ नदी में आई बाढ़ में फंसे 32 मजदूरों का रेस्क्यू किया गया।

गरियाबंद के रवेली में जान जोखिम में डालकर लोग उफनते नाले को पार कर रहे हैं।

लगातार हो रही बारिश से राजिम के त्रिवेणी संगम का जलस्तर बढ़ गया है। कुलेश्वर महादेव मंदिर की सीढ़ियां डूबी।

महानदी का जलस्तर बढ़ने से त्रिवेणी संगम का जलस्तर बढ़ गया है। कुलेश्वर महादेव की सीढ़ियां पानी में डूग गई हैं।

दुर्ग में शिवनाथ नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।

रायगढ़ में केलो नदी का जलस्तर पहले से अधिक बढ़ा हुआ है।

लगातार बारिश से जगदलपुर के तीरथगढ़ वाटरफॉल की खूबसूरती बढ़ गई है।

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित तीरथगढ़ वाटरफॉल पूरी तरह शबाब पर है।

16 पिलरों पर कूद-कूदकर नदी पार कर रहे ग्रामीण

कांकेर जिले में 4 गांवों के लिए बारिश मुसीबत बन गई है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए नदी पर बने स्टॉप डेम का सहारा लेना पड़ता है। वे 16 पिलरों पर कूद-कूदकर नदी पार कर रहे हैं, जिसका वीडियो सामने आया है। स्कूली बच्चों को भी इसी खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है।

जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर बांसकुंड, ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर गांव के 500 से अधिक लोग बारिश की वजह से परेशान हैं। यहां चिनार नदी पर पुल नहीं बना है। ग्रामीण डैम के पिलरों को कूद-कूदकर नदी पार करने को मजबूर हैं।

1 जून से 9 जुलाई तक की स्थिति।

बारिश की ये तस्वीरें देखिए

कांकेर जिले में चिनार नदी पर पुल नहीं बनने से लोग पिलरों पर कूद-कूदकर नदी पार रहे हैं।

तेज बारिश के बाद रायपुर के महादेवघाट स्थित खारून नदी का जलस्तर बढ़ गया है।

बिलासपुर में 3 दिन पहले लगातार बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए थे। बारिश के कारण घरों में पानी घुस गया। यह तस्वीर बिलासपुर के शेखर गुप्ता ने ड्रोन से ली थी।

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