सुकमा ,एजेंसी। सुकमा जिले के पूवर्ती गांव में स्थित नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी सदस्य माड़वी हिड़मा और बटालियन नंबर-1 के कमांडर देवा बारसे का घर टूट गया है। सूत्रों का कहना है कि, जब से यहां कैंप खुला है, तो हिड़मा अपनी मां को लेकर चला गया है। घर खंडहर बन गया है। पड़ोसी गांव वाले आए और उन्होंने तोड़ दिया।
सुकमा SP किरण चव्हाण ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि, ये केवल अफवाह है। बार-बार नक्सली हिड़मा के घर की मीडिया रिपोर्टिंग हो रही थी। गांव वालों ने नहीं बल्कि खुद नक्सलियों ने अपने लीडरों का घर तोड़ा है। फिलहाल हम भी इस बारे में और पता लगा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि, ये माड़वी हिड़मा का घर है। तस्वीर 17 दिसंबर की है। घर खंडहर बन गया है।
पूवर्ती गांव में हिड़मा और देवा का घर
सुकमा जिले के पूवर्ती गांव में हिड़मा और देवा का घर है। 2 तस्वीर सामने आई है, उसमें एक घर पूरी तरह से टूटा हुआ दिख रहा है। इस घर को नक्सली लीडर देवा बारसे का घर बताया जा रहा है। जबकि, दूसरी तस्वीर खूंखार नक्सली हिड़मा के घर की है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस घर के पीछे का कुछ हिस्सा टूटा हुआ है।
यहां से कुछ ही दूरी पर सुरक्षाबलों का कैंप है। अब सवाल है कि ये घर किसने तोड़ा है ? क्या ये घर ग्रामीणों ने तोड़ा है? घर को तुड़वाने में क्या पुलिस की भूमिका है? क्या ये घर वाकई नक्सलियों ने ही तोड़ा है? फिलहाल इन पूरे सवालों के जवाब पर अभी संशय बना हुआ है।
ये माड़वी हिड़मा का घर है। जिस दिन गांव में कैंप खुला था ये उस दिन की तस्वीर है।
मां को साथ ले गया हिड़मा
इसी साल पूवर्ती गांव में सुरक्षाबलों का कैंप खुला है। जिस दिन कैंप खुला उस दिन हिड़मा की मां अपने घर में ही थी। SP किरण चव्हाण ने हिड़मा की मां से मुलाकात की थी। जैसे-जैसे दिन गुजरता गया और फोर्स ने इस गांव में अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी तो हिड़मा की मां भी गांव से कहीं चली गई।
ऐसा बताया जा रहा है कि, नक्सली हिड़मा खुद ही अपनी मां को लेकर गया है। उसे किस गांव में रखा है, कहां है, इसकी जानकारी नहीं है।
नक्सली हिड़मा और देवा की फाइल फोटो।
16 दिसंबर को अमित शाह भी पहुंचे थे गुंडम
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 16 दिसंबर को गुंडम गांव पहुंचे थे। गुंडम पूवर्ती के नजदीक का गांव है। इस इलाके को भी नक्सली कमांडर हिड़मा और देवा का इलाका कहा जाता है। अमित शाह ने महुआ पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाई थी।
ग्रामीणों से वादा किया था कि आने वाले सालभर के अंदर उनके गांव में विकास पहुंचेगा। इस इलाके में पहुंचने वाले वे देश के पहले गृहमंत्री थे।
जानिए कौन है खूंखार नक्सली हिड़मा ?
बस्तर के पूवर्ती गांव में रहने वाला माड़वी हिड़मा गांव के ही प्राथमिक स्कूल में पढ़ाई करता था। उस वक्त इलाके में सक्रिय एक नक्सली ने हिड़मा की एक्टिविटी देख कर उसे नक्सलियों के बाल संघम में भर्ती किया था। हिड़मा की आगे की पढ़ाई नक्सली स्कूल में ही हुई थी।
जिस दिन गांव में कैंप खुला था उस दिन सुकमा SP किरण चव्हाण हिड़मा के घर पहुंचे थे। उसकी मां से मुलाकात किए थे।
हिड़मा के फुर्तीले शरीर को देखते हुए नक्सलियों ने इसे अपने LOS ग्रुप में शामिल किया था। हिड़मा की बनाई योजना में माओवादियों को कई सफलताएं भी मिली। यह नारायणपुर, बीजापुर , गढ़चिरौली में कई सालों तक सक्रिय था। फिर बड़े लीडरों ने कोंटा एरिया कमेटी के जॉइंट प्लाटून का कमांडर बनाया था।
वहीं 2007 से लेकर 2021 तक इसने कई बड़ी नक्सल घटना की। यह नक्सलियों की मिलिट्री बटालियन नंबर-1 का कमांडर और DKSZCM (दंडकारण्य स्पेशल जोनल मेंबर) था। लेकिन इसी साल नक्सलियों ने इसे अपनी सेंट्रल कमेटी में शामिल किया।इस पर करोड़ों रुपए का इनाम भी घोषित है।
पहलीबार यहां आजादी का जश्न मनाया गया। अब गांव में शान से तिरंगा लहराता है।
कौन है देवा बारसे ?
देवा भी पूवर्ती गांव का रहने वाला है। हिड़मा के सेंट्रल कमेटी में जाने के बाद नक्सलियों की सबसे मजबूत बटालियन नंबर-1 की जिम्मेदारी इसे ही दी गई है। अब इस बटालियन को यही लीड कर रहा है। इस पर भी लाखों रुपए का इनाम घोषित है।
