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हिड़मा का दोस्त देवा बोला- देवजी ने उसे नहीं मरवाया

कहा- पुलिस ने पकड़कर मारा, मुझे भी जबरन सरेंडर करवाया, मनीष कुंजाम के आरोप गलत

जगदलपुर,एजेंसी। नक्सलियों के PLGA बटालियन नंबर 1 के कमांडर इन चीफ रहे देवा बारसे के सरेंडर के बाद उसका पहला बयान सामने आया है। देवा ने कहा कि, वह सरेंडर करने के लिए जंगल से बाहर नहीं निकला था। बल्कि संगठन के किसी काम के सिलसिले में 29 दिसंबर को 2 बोलेरो वाहन के माध्यम से तेलंगाना में कहीं जा रहा था।

इसी बीच पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। करीब 4 दिनों तक पुलिस ने उससे पूछताछ की। देवा ने कहा कि, हम सरेंडर करने के लिए जंगल से नहीं आए थे, बल्कि धोखे से हम फंस गए। पुलिस हमें हैदराबाद लेकर आई और यहां 3 जनवरी को सरेंडर करवा दिया। देवा ने ये बातें हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कही।

देवा ने आगे कहा कि, मैं सितंबर 2025 के अंतिम सप्ताह से लेकर दिसंबर 2025 तक छत्तीसगढ़ और तेलंगाना बॉर्डर में रह रहा था। हमें अरेस्ट कर सरेंडर करवा दिया गया है।

हिड़मा के साथी देवा बारसे (49) ने 3 जनवरी को तेलंगाना के हैदराबाद में सरेंडर किया है।

हिड़मा को पुलिस ने मारा – देवा

देवा ने कहा कि, मैं 2003 में संगठन में भर्ती हुआ था। हिड़मा 1997 से नक्सल संगठन में थे। हम दोनों अपनी-अपनी विचारधारा से संगठन में आए थे। हिड़मा मुझे भाई मानते थे। देवा ने कहा कि हिड़मा का फर्जी एनकाउंटर हुआ है।

वे विजयवाड़ा इलाज के लिए जा रहे थे। वहीं उन्हें पकड़कर मारा गया। मनीष कुंजाम का आरोप है कि हिड़मा को देवजी ने मरवाया है, ये आरोप गलत है। हिड़मा को पुलिस ने ही मारा है।

सरेंडर के बाद देवा ने कहा- पुलिस ने हमें अरेस्ट कर सरेंडर करवाया है।

सरेंडर के बाद देवा ने कहा- पुलिस ने हमें अरेस्ट कर सरेंडर करवाया है।

27 अक्टूबर तक हिड़मा से संपर्क में था देवा

देवा का कहना है कि, 27 अक्टूबर तक हिड़मा और मैं संपर्क में थे। अप्रैल के महीने में हम कर्रेगुट्टा में थे। हमने सोचा था कि पुलिस का एक-दो दिन का ऑपरेशन होगा। लेकिन इतना बड़ा ऑपरेशन चलेगा ये हमने भी नहीं सोचा था।

सुबह साढ़े 6 बजे से हमला शुरू हुआ। तब मैं कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर था। वहां से सारे बड़े नेताओं को मैंने अलग-अलग इलाकों में बाहर निकाल दिया था। उस समय पहाड़ी पर मुठभेड़ में हमारा एक भी साथी नहीं मरा था, जबकि पहाड़ी पर पुलिस ने हमारे 36 साथियों को पकड़कर मारा था।

देवा अपने साथ कई हथियार साथ लेकर आया था।

विदेश से नहीं मिलते हथियार

देवा ने कहा कि हमें विदेश से कोई हथियार नहीं मिलता है। इजराइल मेड वेपन ‘तावोर’ और अमेरिकन मेड राइफल कॉल्ट M4 ये फोर्स रखती है। कई हथियार लुटे हुए थे। मैं अपनी बटालियन के लिए कोई संदेश नहीं देना चाहता। वे आना चाहे तो आए मैं कुछ कह नहीं सकता।

PLGA बटालियन में हम 15 साल से ऊपर के लड़कों को ही भर्ती करते थे। उन्हें जबरदस्ती भर्ती नहीं करते थे। मैं जनता की समस्याओं को देखकर संगठन में शामिल हुआ था। समाज प्रमुखों और जनता को कहने के लिए मेरे पास अभी कुछ नहीं है।

3 जनवरी को हैदराबाद में देवा का सरेंडर

3 जनवरी को तेलंगाना के हैदराबाद में देवा बारसे (49) ने अपने 19 साथियों के साथ सरेंडर किया। बता दें कि देवा बस्तर में नक्सलियों की सबसे खतरनाक टीम बटालियन नंबर 1 का कमांडर इन चीफ था और गुरिल्ला आर्मी में माहिर रहा।

देवा आधुनिक तकनीक से लैस इजराइल मेड वेपन तावोर (tavor) असॉल्ट राइफल और अमेरिकन मेड राइफल कॉल्ट M4 अपने साथ लेकर आया था। देवा ने अपने सरेंडर के लिए संदेश भिजवाने की खबर को गलत बताते हुए कहा है कि पुलिस ने धोखे से फंसाकर सरेंडर करवाया है।

झीरम हमले का राज भी बता सकता है देवा

देवा को साल 2023 में बटालियन नंबर 1 का चीफ बनाया गया था। इससे पहले वह दरभा डिवीजन का सचिव था। साल 2013 में इसी दरभा घाटी में झीरम में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों ने हमला किया था। अब देवा के सरेंडर के बाद पूछताछ में झीरम हमले का राज भी खुल सकता है।

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