DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

SECL मुख्यालय बिलासपुर में विधायक प्रेमचंद पटेल की अगुवाई में भूविस्थापितों की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न, 4-5 दिनों में मिलेगा लिखित आश्वासन

दीपका महाप्रबंधक कार्यालय में तालाबंदी आंदोलन के बाद बिलासपुर में सीएमडी सभागार में हुई मैराथन चर्चा

बसाहट, मुआवजा, मकान नापी, सोलसियम और अविलंब नौकरी जैसी प्रमुख मांगों पर SECL प्रबंधन के साथ बनी सकारात्मक सहमति

बिलासपुर/कोरबा। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के कुशल नेतृत्व में हरदीबाजार, रेंकी और सराईसिंगार के भूविस्थापितों की वर्षों पुरानी जायज मांगों को लेकर एसईसीएल (SECL) मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी सभागार में एक महत्वपूर्ण व उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई ।

उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर को भूविस्थापितों ने अपनी मांगों के समर्थन में दीपका महाप्रबंधक के मुख्य गेट पर 8 घंटे तक ऐतिहासिक तालाबंदी आंदोलन किया था, तीन दौर की वार्ता के बाद एसडीएम कटघोरा नितिन दुबे और जीएम दीपका की मध्यस्थता से आज 21 सितंबर सोमवार को बिलासपुर मुख्यालय में बैठक आयोजित करने की सहमति बनी थी।

सोमवार को आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में एसईसीएल प्रबंधन की ओर से निदेशक (कार्मिक/डीएचआर) बीरंची दास निदेशक (तकनीकी/पीएंडपी), मोहपात्रा जीएम (एलएंडआर), बिपिन कुमार लाल और दीपका जीएम अशोक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे ।

बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं और भूविस्थापितों की मांगों पर गंभीरता से चर्चा हुई, तथा सहमति बनी:-

  1. पूर्ण विकसित बसाहट:- सुपेतपारा बाईपास के पास उतरदा की जमीन पर सहमति न बनने के पश्चात, जयंती नगर को ही पूर्ण रूप से सर्वसुविधायुक्त विकसित कर भूविस्थापितों को बसाहट देने पर सहमति बनी ।
  2. मकान नापी एवं सोलसियम मुआवजा:- 2004-2010 अधिग्रहण के पश्चात खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के नापी के आधार पर मकान मालिकों को सोलसियम सहित मुआवजा देने पर गहन विचार हुआ ।
  3. ड्रोन सर्वे के मकानों पर 100% मुआवजा:- ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों को नया मानकर की गई 60% कटौती के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए, उन्हें पूर्ण सोलसियम के साथ 100% मुआवजा राशि स्वीकृत करने पर सार्थक चर्चा हुई ।
  4. 2004 अधिग्रहण नीति के तहत नौकरी:- वर्ष 2004 के अधिग्रहण के समय लागू नीतियों के तहत हर खाते पर नौकरी देने के विषय पर एसईसीएल प्रबंधन ने विचार कर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया ।
  5. अधिग्रहण एवं बसाहट:- शेष बचे 212 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और बसाहट के संदर्भ में भी जल्द रुख स्पष्ट किया जाएगा ।
  6. अन्य गांवों के लंबित मामले:- अमगांव, दर्राखांचा, जोकही, डबरी, मलगांव और सुवाभोड़ा के भूविस्थापितों के बचे हुए रोजगार, मुआवजा व बसाहट से जुड़े प्रकरणों को 15 दिनों के भीतर अविलंब निपटाने पर पूर्ण सहमति बनी ।
  7. मकान न तोड़े जाने का निर्देश:- जब तक मुआवजा राशि का पूर्ण भुगतान नहीं हो जाता, तब तक हरदीबाजार में किसी भी मकान को नहीं तोड़ा जाएगा ।

बैठक के अंत में एसईसीएल निदेशकों की टीम ने आश्वस्त किया कि भूविस्थापितों द्वारा उठाए गए सभी विषयों पर गहराई से विचार कर आगामी 4 से 5 दिनों के भीतर लिखित में आधिकारिक निर्णय सौंप दिया जाएगा ।

बैठक में विधायक प्रेमचंद पटेल के साथ हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, उपसरपंच रेखा जायसवाल, श्यामू जायसवाल, रघुराज सिंह उईके, नरेश टंडन, व्यास राठौर, महेंद्र राठौर, राजेश जायसवाल, शिव यादव, फिरोज खान, जगदीश अग्रवाल, अनिल टंडन, मन्नु राठौर, राजाराम राठौर, प्रदीप पांडेय, ममता ओग्ररे, प्रेम डिक्सेना, शशीधर सोनी, सुरेंद्र राठौर, प्रदीप राठौर, इंद्रभूषण ओढ़े, सुधीर कंवर, चंद्रिका प्रजापति, दिलीप राठौर, कमलेश राठौर, पंकज धुर्वा, रमन कुल्हाड़े ,गणेश श्रीवास सहित भारी संख्या में भूविस्थापित ग्रामीण उपस्थित रहे ।

Exit mobile version