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छत्तीसगढ़ में 18 लोग बाढ़ में बहे…5 मौतें:11 को बचाया, 2 की तलाश, बिलासपुर में देवी-दर्शन करने आया था परिवार, बीजापुर में नाव पलटी

बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोमवार को बाढ़ में एक ही परिवार के 6 लोग बह गए, जिनमें से 4 बच्चों की मौत हो गई। इनमें से एक युवक की लाश मंगलवार को पुल से एक किलोमीटर दूर मिली है, जबकि 2 लोगों को किसी तरह बचा लिया गया।

बताया जा रहा है कि बलौदाबाजार जिले के ध्रुव परिवार के लोग मरहीमाता मंदिर दर्शन के लिए आए थे। लौटते वक्त ये हादसा हो गया। घटना कोटा थाना क्षेत्र की है। वहीं दूसरे मामले में पचपेड़ी थाना क्षेत्र के टांगर गांव में एक युवक लीलगर नदी में बह गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

वहीं, बीजापुर में इंद्रावती नदी में नाव पलट गई। तीन ग्रामीण और कुछ स्कूली बच्चियों समेत कुल 11 लोग सवार थे, जो धान मिलिंग कराने नलगोंडा आ रहे थे। इस हादसे में 11 में से 9 लोग सुरक्षित निकल आए, जबकि मां के साथ मनीषा (10) और शर्मिला उज्जी (11) नदी में डूब गईं। जिनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

तीन अलग-अलग हादसों में कुल 18 लोग बह गए थे, जिनमें से 11 लोगों को बचा लिया गया है। 5 की मौत हो गई है। वहीं 2 बच्चियां लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। अब विस्तार से पढ़िए तीनों घटनाएं:-

बिलासपुर में सोमवार को बाढ़ में बहने से 4 लोगों की मौत हो गई।

केस-1

बिलासपुर: देवी दर्शन करने आए श्रद्धालु बाढ़ में बहे

कोटा थाना क्षेत्र में देवी दर्शन करने आए श्रद्धालु बाढ़ में बह गए। जिसमें तीन बच्चियों की जान चली गई। घटना को लेकर डीएसपी नुपूर उपाध्याय ने बताया कि बलौदाबाजार जिले के बिटकुली में रहने वाले ध्रुव परिवार के लोग सोमवार को बस लेकर मरहीमाता दर्शन के लिए बिलासपुर के भनवारटंक आए थे।

परसदा में उन्होंने अपने रिश्तेदारों को भी साथ चलने कहा और उन्हें भी देवी दर्शन करने के लिए ले गए। जहां परिवार के लोगों ने मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना की, जिसके बाद वहीं पर भोजन भी किया। इसके बाद सभी लोग शाम को वापस लौट रहे थे।

बलराम ध्रुव (45) की लाश मंगलवार को पुल से 1 किमी दूर मिली है।

ये तस्वीर मृतक बलराम ध्रुव (45) की है, इसी की नदी में बहने से जान चली गई।

मंदिर के पास नाले में तेज बहाव के साथ बाढ़

इस दौरान पहाड़ी और जंगल में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिसके कारण मंदिर के पास नाले में तेज बहाव के साथ बाढ़ आ गया। देखते ही देखते पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। इसे देख बस के ड्राइवर ने श्रद्धालुओं से भरी बस को पुलिया पार कराने के खतरे को बताकर नीचे उतार दिया।

साथ ही श्रद्धालुओं को पैदल नाला पार करने के लिए कहा। तब बस में सवार श्रद्धालु पैदल ही नाला पार करने लगे।

बिलासपुर में देवी दर्शन कर लौट रहे बाढ़ में बहने से एक ही परिवार के 3 बच्चों की मौत हो गई

मृतकों के नाम

  1. मितांश ध्रुव (5)
  2. गौरी ध्रुव (13)
  3. मुस्कान ध्रुव (12)
  4. बलराम ध्रुव (45)

ये तस्वीर मुस्कान ध्रुव (12) की है। बच्ची की नदी में बहने से मौत हो गई। (फाइल फोटो)

नाला पार करते वक्त 6 लोग बह गए, दो को बचाया

इसी दौरान बस से उतरकर नाला पार कर रहे 6 लोग पानी के तेज बहाव में आ गए। उन्हें बहते देखकर परिवार के लोगों ने किसी तरह दो लोगों को बचा लिया। वहीं तीन बच्चे और एक युवक भी पानी के तेज बहाव में बह गए।

उन्हें बहते देख परिवार के लोग शोर मचाने लगे। परिवार के ही कुछ लोगों ने उफनते नाले में छलांग लगा दी। लोगों को बहता देख आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में बेलगहना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस की टीम, ग्रामीण​​​​​ और परिवार के सदस्य पानी में बहे लोगों की तलाश में जुट गए। घंटों मशक्कत के बाद मितांश, गौरी और मुस्कान का शव मिला, जबकि बलराम का देर रात तक कुछ पता नहीं चल सका है।

पोस्टमॉर्टम के लिए शवों को अस्पताल लाया गया।

टेंगनमाड़ा ले जाया गया शव, कोटा में होगा पीएम

रात होने की वजह से लापता युवक की तलाश नहीं की जा सकी है। पुलिस ने हादसे की जानकारी एसडीआरएफ को दी है। देर रात ही एसडीआरएफ की टीम भी भनवारटंक रवाना हुई। आज सुबह से युवक की तलाश जारी है।

इधर, बच्चों के शव को टेंगनमाड़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम की व्यवस्था नहीं होने के कारण देर रात कोटा भेजा गया। पीएम के बाद शवों को बलौदाबाजार भेज दिया गया है।

हादसे के बाद सदमे में परिवार के लोग, महिलाओं को भेजा गया घर

हादसे के दौरान परिवार की महिलाएं वहां पर मौजूद थीं। एक साथ बच्चों समेत चार लोगों को बहते देखकर परिवार की महिलाएं चीखने-चिल्लाने लगीं। परिवार के सदस्य सदमे में आ गए। इस दौरान महिलाएं बिलख-बिलखकर रोती रहीं।

गमगीन माहौल को देखते हुए महिलाओं को घर भेज दिया गया। इस हादसे की जानकारी मिलते ही बिटकुली और परसदा के कुछ लोग भी भनवारटंक पहुंचे।

बिलासपुर में एक ही परिवार के 4 बच्चे बह गए, जिनमें से 3 की मौत हो गई।

बारिश और तेज बहाव से तलाशी अभियान में रुकावट

भनवारटंक के पास स्थित नाला ज्यादातर सूखा रहता है। जब पहाड़ी और जंगल में बारिश होती है, तब उसमें पानी आता है। सोमवार को जंगल में हुई बारिश के कारण अचानक नाले में बाढ़ आ गया। हादसे के वक्त लगातार तेज बारिश हो रही थी, जिसके कारण पुलिस के पहुंचने में देरी हुई।

बारिश की वजह से ही बचाव अभियान में रूकावट आई, जिसके चलते नाले में बहने वाले युवक और बच्चों की तलाश के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। एक-एक कर तीन बच्चों के शव को पानी से बाहर निकाला गया, जिसके बाद उसे अस्पताल भेज दिया गया।

एसडीआरएफ की टीम नदी में बहे युवक की तलाश कर रही है।

केस-2

साइकिल से पुल पार करते बह गया बालक

इसी तरह बिलासपुर के पचपेड़ी थाना क्षेत्र के टांगर गांव में एक युवक लीलगर नदी में बह गया। बताया जा रहा है कि युवक साइकिल से एनिकट पार कर रहा था, तभी तेज बहाव में बह गया। मृतक का नाम पारस कुर्रे (19) है, धनगांव का रहने वाला था।

मिली जानकारी के मुताबिक अपने मामा के घर गांव टांगर जाने के लिए साइकिल से निकला था। पुलिस, डॉग स्क्वॉड और गोताखोरों की टीम ने दूसरे दिन युवक के शव को घटना स्थल से कुछ दूरी पर झाड़ियों से बरामद किया। शव की पहचान पारस कुर्रे के रूप में की गई है।

बिलासपुर के पचपेड़ी थाना क्षेत्र में बाढ़ में बहने से युवक की मौत हो गई।

केस-3

बीजापुर के इंद्रावती नदी के पार गांव एहकेली से नलगोंडा जा रही नाव पलट गई। नाव में नारायणपुर के तीन ग्रामीण और कुछ स्कूली बच्चियों समेत कुल 11 लोग सवार थे, जो धान मिलिंग कराने नलगोंडा आ रहे थे। नाव के हिलने-डुलने पर कुछ ग्रामीण नदी में कूद गए, लेकिन तेज बहाव के कारण डोंगी अनियंत्रित होकर पलट गई और डूब गई।

डूबने वाली बच्चियों के नाम

  1. मनीषा (10)
  2. शर्मिला उज्जी (11)

नाव में सवार 11 में से 9 लोग सुरक्षित बाहर निकले

नाव में सवार 11 में से 9 लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि मां के साथ मनीषा (10) और शर्मिला उज्जी (11) नदी में डूब गईं। इसमें मां को बचा लिया गया है। नगर सेना और गोताखोरों की टीम ने करीब 10 किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन दोनों बच्चियों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला। आज फिर से तलाश की जा रही है।

ये तस्वीर दोनों बच्चियों की है, जिसकी तलाश की जा रही है।

रात की वजह से सर्च ऑपरेशन रोका

वहीं घटना के बाद भैरमगढ़ तहसीलदार सूर्यकांत घरत, पटवारी श्रवण गुप्ता, पटवारी मुन्नालाल कुडियम, पुलिस विभाग और नगर सेना की टीम मोटरबोट और गोताखोरों के साथ मौके पर मौजूद रहे। रात के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था। लेकिन फिर से बच्चियों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

एहकेली और नलगोंडा घाट के बीच नदी की चौड़ाई लगभग 500 मीटर है। नलगोंडा के आगे अबूझमाड़ के करीब 13 गांव हैं जैसे एकेली, कोमुकलाजा, निराम पल्लेवाया, चिंगेर, ताकीलोड़, नारायणपुर जिले के पीडियाकोट, डुंगा, कुजेवाड़ा, पुसालआंबा गांव है। इन सभी गांवों के लिए नाव ही नदी पार करने का एकमात्र साधन है।

घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

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