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मन की बात में PM ने 2025 की उपलब्धियां गिनाईं:कहा- ऑपरेशन सिंदूर देश का गर्व बना, अब हम नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ने तैयार

नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 129वां एपिसोड 2025 में देश की उपलब्धियों पर चर्चा की। 2025 के आखिरी एपिसोड में नए साल 2026 की चुनौतियों, संभावनाओं, डेवलपमेंट पर भी चर्चा की।

पीएम ने कहा- 2025 भारत के लिए गर्व भरे मील के पत्थरों का साल था। चाहे राष्ट्रीय सुरक्षा हो, खेल हो, वैज्ञानिक इनोवेशन हो या दुनिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म हों, भारत का असर हर जगह दिखाई दे रहा था।

इसके अलावा पीएम मोदी ने खेल, पीएम मोदी ने खेल, वंदेमातरम्, अंतरिक्ष, महाकुंभ, राम मंदिर और 77वें गणतंत्र दिवस पर अपनी बात रखी।

इससे पहले 30 नवंबर को मन की बात का 128वां एपिसोड टेलिकास्ट किया गया था। पीएम ने इसमें भारत में खेलों की प्रगति, विंटर टूरिज्म, वोकल फॉर लोकल के साथ ही वाराणसी में होने वाले काशी-तमिल संगमम का जिक्र किया था।

PM ने एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई

पीएम ने कहा ICMR ने हाल ही में रिपोर्ट में बताया कि निमोनिया और UTI जैसी बीमारियों में दवाई कमजोर साबित हो रही हैं। इसकी वजह बिना सोचे दवा का सेवन हैं। आज कल लोग एंटी बायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग सोचते हैं कि एक गोली ले लो बीमारी दूर हो जाएगी। मैं अपील करता हूं कि अपने मन से दवाओं का सेवन करने से बचें। इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करें।

मन की बात में PM की स्पीच की बड़ी बातें…

कश्मीर का इतिहास 2 हजार साल पुराना- पीएम

बारामूला की ये तस्वीर पीएम के कार्यक्रम से ली गई है।

PM मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बारामूला में जो ऊंचे-ऊंचे टीले हैं वे प्राकृतिक नहीं इंसानों के बनाए हुए हैं। ये आर्कियोलॉजिस्ट के अध्ययन में पता चला है।

उन्होंने कहा कि फ्रांस के म्यूजियम में एक पुराना, धुंधला सा चित्र मिला। जिसमें बारामूला के उस चित्र में तीन बौद्ध स्तूप नजर आ रहे थे। यहीं से कश्मीर का गौरवशाली अतीत हमारे सामने आया। ये करीब दो हजार साल पुराना इतिहास है। कश्मीर के जेहनपोरा का ये बौद्ध परिसर हमें याद दिलाता है, कश्मीर का अतीत क्या था।

मणिपुर के मोइरांगथेम ने सैकड़ों घरों में लगाए सोलर पैनल

पीएम मोदी ने मणिपुर के युवा की तारीफ की।

पीएम ने कहा कि मणिपुर के एक युवा मोइरांगथेम ने बिजली की समस्या से निपटने के लिए सोलर पैनल लगाने का अभियान चलाया और इस अभियान की वजह से आज उनके क्षेत्र के सैकड़ों घरों में सोलर पावर पहुंच गई है। मणिपुर के सुदूर क्षेत्र में बिजली की बड़ी समस्या थी। इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने लोकल सोल्यूशन पर जोर दिया और उन्हें ये सोल्यूशन मिला सोलर पावर में। मणिपुर में वैसे भी सोलर एनर्जी पैदा करना आसान है।

दुबई में कन्नड़ पाठशाला खुली, फिजी में तमिल दिवस मनाया गया

दुबई में बच्चे कन्नड़ सीख रहे, फिजी के स्कूलों में तमिल सिखाई जा रही।

पीएम ने कहा कि कन्नड़ा परिवार ने दुबई में कन्नड़ा पाठशाला की शुरुआत की। यह एक ऐसा प्रयास, जहां बच्चों को ‘कन्नड़ा’ लिखना और बोलना सिखाया जाता है। आज इससे एक हजार से ज्यादा बच्चे जुड़े हैं। वाकई कन्नड़ा की भूमि और भाषा, हमारा गर्व है।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को तमिल भाषा से जोड़ने के लगातार प्रयास हो रहे। पिछले महीने फिजी के एक स्कूल में पहली बार तमिल दिवस मनाया गया। उस दिन बच्चों ने अपनी भाषा पर खुले दिल से गौरव व्यक्त किया।

आजादी दिलाने वाले नायकों की गाथा अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं- पीएम

स्वतंत्रता सेनानी, पार्वती गिरि

स्वतंत्रता सेनानी, पार्वती गिरि

PM ने स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्वती गिरि ने 16 साल की उम्र में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में हिस्सा लिया। आजादी के बाद उन्होंने अपना जीवन समाज सेवा को समर्पित कर दिया। पार्वती गिरि ने कई अनाथालय बनवाए, उनका प्रेरक जीवन हर पीढ़ी का मार्गदर्शन करता रहेगा।

PM ने कहा कि हमारा दायित्व है कि हम अपनी विरासत को ना भूलें। हम आजादी दिलाने वाले नायक-नायिकाओं की महान गाथा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं।

PM ने मन की बात के 129वें एपिसोड में ये बातें भी कहीं…

  • कुछ ही दिनों में साल 2026 दस्तक देने वाला है, और आज, जब मैं आपसे बात कर रहा हूँ, तो मन में पूरे एक साल की यादें घूम रही हैं – कई तस्वीरें, कई चर्चाएं, कई उपलब्धियां, जिन्होंने देश को एक साथ जोड़ दिया
  • 2025 ने हमें ऐसे कई पल दिए जिन पर हर भारतीय को गर्व हुआ। देश की सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक, विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर दुनिया के बड़े मंचों तक, भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी।
  • इस साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया। दुनिया ने साफ देखा आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता।
  • स्वदेशी को लेकर भी लोगों का उत्साह खूब दिखाई दिया। लोग वही सामान खरीद रहे हैं, जिसमें किसी भारतीय का पसीना लगा हो और जिसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो। आज हम गर्व से कह सकते हैं 2025 ने भारत को और आत्मविश्वास दिया है।
  • ये बात भी सही है इस साल प्राकृतिक आपदाएं हमें झेलनी पड़ी, अनेक क्षेत्रों में झेलनी पड़ी। अब देश 2026 में नई उम्मीदों, नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।

22 भाषाओं में ब्रॉडकास्ट होता है मन की बात कार्यक्रम

मन की बात को 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी ब्रॉडकास्ट किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं।

मन की बात की ब्रॉडकास्टिंग आकाशवाणी के 500 से अधिक ब्रॉडकास्टिंग सेंटर से होती है। पहले एपिसोड की टाइम लिमिट 14 मिनट थी। जून 2015 में इसे बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया था।

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