मुंबई ,एजेंसी। यूनियन बजट 2025 से इंडियन हेल्थ सेक्टर भी आस लगाए बैठा है। यह सेक्टर उम्मीद करता है कि आगामी बजट में सरकार ऐसे फैसले लेगी, जिनसे ज्यादा से ज्यादा लोग बीमा पॉलिसी लेने के लिए उत्साहित होंगे। हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST घटाकर और सेक्शन 80D के तहत टैक्स में छूट देकर ऐसा किया जा सकता है। 2024 में भारतीय इंश्योरेंस कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कुछ कंपनियों ने अच्छा मुनाफा कमाया, जबकि कुछ को नुकसान हुआ।
अब इंश्योरेंस सेक्टर को उम्मीद है कि आगामी बजट 2025 में कुछ जरूरी सुधार किए जाएंगे, जो बीमा लेने वालों और कंपनियों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि बीमा सेक्टर की क्या बड़ी मांगें हैं:
हेल्थ इंश्योरेंस पर GST कम करने की मांग
इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स चाहते हैं कि हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस पर लगने वाली जीएसटी दर को घटाया जाए। फिलहाल, हेल्थ इंश्योरेंस पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है, जो लोगों के लिए बीमा लेना महंगा बना देता है। अगर जीएसटी कम किया जाए, तो इससे हेल्थ बीमा ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेगा और ज्यादा लोग इसका फायदा उठा पाएंगे। इससे लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस लेने के लिए बढ़ावा मिलेगा।
सेक्शन 80D में सुधार की मांग
सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है लेकिन यह छूट काफी सीमित है। इंडस्ट्री की डिमांड है कि इसे 25,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए किया जाए, ताकि लोग ज्यादा हेल्थ इंश्योरेंस ले सकें. खासकर सीनियर सिटिजंस के लिए यह छूट 1,00,000 रुपए तक बढ़ाई जानी चाहिए। इसके अलावा यह छूट न्यू टैक्स रिजीम में भी लागू होनी चाहिए।
