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भारत-माला मुआवजा घोटाला…6 अधिकारियों को अल्टीमेटम:कोर्ट में पेश नहीं हुए तो संपत्ति होगी कुर्क, कांग्रेस बोली-रसूखदारों को बचा रही सरकार, CBI जांच होनी चाहिए

रायपुर,एजेंसी। अभनपुर भारत माला प्रोजेक्ट में 43 करोड़ के घोटाला मामले में फरार चल रहे अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने का आखिरी मौका दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर (तत्कालीन SDM) निर्भय साहू समेत राजस्व विभाग के 6 अधिकारियों को 29 जुलाई तक कोर्ट में पेश होने कहा गया है।

अगर तय समय-सीमा में ये आरोपी अदालत में हाजिर नहीं होते हैं तो सभी को भगोड़ा घोषित किया जाएगा। इनकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी। शनिवार को स्पेशल कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए उद्घोषणा (प्रोक्लेमेशन) करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं बिलासपुर में भारत माला मुआवजा घोटाले को लेकर कांग्रेस ने कहा कि- मामले में छोटे लोगों को फंसाया जा रहा है। सरकार रसूखदारों को बचा रही है। इसकी CBI जांच होनी चाहिए।

इन्हें कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया

कोर्ट से जिन 6 अधिकारियों को नोटिस मिला है, उनमें तत्कालीन SDM निर्भय कुमार साहू, तहसीलदार शशिकांत कुर्रे, नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण, पटवारी जितेन्द्र कुमार साहू, पटवारी बसंती घृतलहरे और पटवारी लेखराम देवांगन का नाम शामिल है।

जानिए कोर्ट ने उद्घोषणा में क्या कहा ?

कोर्ट ने कहा कि निर्भय कुमार साहू समेत सभी 6 आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को छिपा रहे हैं। सभी आरोपियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि वे 29 जुलाई को कोर्ट में पेश होकर जवाब प्रस्तुत करें, वर्ना उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट और संपत्ति कुर्की जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कोर्ट कब जारी करता है उद्घोषणा ?

बता दें कि जब कोई व्यक्ति, आमतौर पर कोई आरोपी, बार-बार कोर्ट की तारीखों पर पेश नहीं होता, तो कोर्ट एक सार्वजनिक ऐलान (उद्घोषणा) करता है कि उस व्यक्ति को तय तारीख तक अदालत में पेश होना है।

यह ऐलान अखबार, सार्वजनिक जगहों या नोटिस बोर्ड पर चिपकाकर किया जाता है। सबको जानकारी हो और वह व्यक्ति छिप न सके। आरोपी तय तारीख तक अदालत में उपस्थित नहीं होता तो उसके खिलाफ कोर्ट गैरजमानती वारंट या कुर्की जैसी सख्त कार्रवाई करता है।

ये चार आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद है।

ये चार आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद है।

अब तक 4 की गिरफ्तारी

इस घोटाले में EOW ने तहसीलदार के पति और प्रॉपर्टी डीलर हरमीत सिंह खनूजा, कारोबारी विजय जैन, किसान केदार तिवारी और पत्नी उमा तिवारी को 27 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। चाराें रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। इस मामले में राजस्व विभाग के एक भी जिम्मेदार अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनकी तलाश जारी है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ।

भारत माला में सरकार रसूखदारों को बचा रही

कांग्रेस ने भारत माला प्रोजेक्ट घोटाले की जांच को लेकर सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि घोटाले में एक आरोपी पटवारी ने आत्महत्या कर ली और उसने अपने सुसाइड नोट में कहा है कि मुझे इसमें फंसाया जा रहा, दोषी बड़े लोग हैं।

कांग्रेस का शुरू से आरोप है कि इस मामले की जांच की दिशा सही नहीं है। बड़े लोगों को बचाया जा रहा, छोटी मछलियों पर कार्रवाई हो रही। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हाईकोर्ट के जज की निगरानी में CBI जांच की जाए।

बिलासपुर में निलंबित पटवारी ने की आत्महत्या।

पटवारी सुरेश मिश्रा ने आत्महत्या की

बता दें कि बिलासपुर के बहुचर्चित भारत माला परियोजना फर्जीवाड़े में निलंबित किए गए पटवारी सुरेश मिश्रा ने 2 दिन पहले आत्महत्या कर ली है। बताया जा रहा है कि मिश्रा को कुछ दिन पहले ही निलंबित किया गया था। 30 जून को वे रिटायर होने वाले थे। सुरेश मिश्रा कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है।

बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा- मैं दोषी नहीं हूं। इसके साथ ही सुरेश ने सुसाइड नोट में षडयंत्र कर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया है, जिसमें कहा है कि बड़े अधिकारियों ने उन्हें जान-बूझकर फंसाया है। उनका इस केस से कोई लेना-देना नहीं है।

अब जानिए अभनपुर में कैसे हुआ 43 करोड़ का घोटाला ?

भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में अभनपुर में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।

कुछ दिनों पहले इस केस में दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर छपने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था।

शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से अधिक राशि की गड़बड़ी का आरोप है।

जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए

राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए।

इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 78 करोड़ रुपए पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई, जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है।

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