नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव का एक और मामला सामने आया है। सामाजिक माध्यम पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक अमेरिकी व्यक्ति भारतीय दंपति के साथ अभद्र व्यवहार करता और उन्हें “अपने देश वापस जाने” के लिए कहता दिखाई दे रहा है। घटना के बाद इंटरनेट पर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा विवाद इस बात को लेकर हुआ कि वीडियो खुद उसी व्यक्ति ने साझा किया जिसने भारतीय दंपति के साथ बदसलूकी की। वीडियो पोस्ट करते समय उसने भारत के झंडे के साथ आपत्तिजनक इमोजी का भी इस्तेमाल किया, जिसे लेकर लोगों ने इसे खुली नस्लीय घृणा बताया।

करीब 30 सेकेंड के वीडियो में भारतीय दंपति सामान्य रूप से अपने काम में व्यस्त दिखाई देते हैं। तभी एक व्यक्ति कार के अंदर से उनसे सवाल पूछना शुरू करता है। पहले वह पूछता है कि क्या वे भारत से हैं और क्या भारत अमेरिका से बेहतर है। भारतीय दंपति शांत और शालीन तरीके से जवाब देते हैं कि दोनों देशों की अपनी-अपनी खूबियां हैं। इसके बाद वह व्यक्ति आक्रामक हो जाता है और कहता है, “अगर भारत इतना अच्छा है तो यहां क्यों आए?” भारतीय व्यक्ति जवाब देता है कि वे दुनिया घूमने और नए अनुभव लेने आए हैं। इस पर अमेरिकी व्यक्ति भड़क जाता है और उन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए कहने लगता है।
वीडियो में वह अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहता है कि “हम तुम्हें यहां नहीं देखना चाहते, अपने देश वापस जाओ।”वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने भारतीय दंपति के धैर्य और शांत व्यवहार की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि इतनी बदसलूकी के बावजूद दंपति ने संयम नहीं खोया। वहीं कुछ लोगों का मानना था कि ऐसे मामलों में कानूनी शिकायत और सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि नस्लीय व्यवहार करने वालों का हौसला न बढ़े। सामाजिक माध्यम पर कई यूजर्स ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio को टैग करते हुए सवाल उठाए। हाल ही में भारत यात्रा के दौरान उनसे अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नस्लीय घटनाओं पर सवाल पूछा गया था। उस समय उन्होंने कहा था कि उन्हें ऐसे मामलों की जानकारी नहीं है और हर देश में कुछ “मूर्ख लोग” होते हैं।
अब लोग इस वायरल वीडियो को साझा कर उनसे जवाब मांग रहे हैं। कई लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका खुद प्रवासियों का देश है और वहां किसी भी समुदाय के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। कुछ यूजर्स ने यह भी लिखा कि नस्लवाद केवल भारतीयों के खिलाफ नहीं बल्कि एशियाई और अन्य प्रवासी समुदायों के खिलाफ भी बढ़ती चिंता बनता जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक माध्यम पर ऐसे वीडियो तेजी से वायरल होने के कारण नस्लीय घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बढ़ रही है। इससे सरकारों और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव भी बढ़ता है।
