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उद्योगपति महेन्द्र गोयनका गिरफ्तार:1000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से पकड़ा

दिल्ली/भोपाल, एजेंसी। कटनी के विजयराघवगढ़ से बीजेपी विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों के साथ करीब 1000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में कोलकाता पुलिस ने उद्योगपति महेंद्र गोयनका को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।

रायपुर के रहने वाले महेंद्र गोयनका पर फर्जी दस्तावेजों और हस्ताक्षरों के सहारे पाठक परिवार की कई कंपनियों पर अवैध रूप से नियंत्रण हासिल करने का गंभीर आरोप है।

कोलकाता पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोलकाता पुलिस ने यह कार्रवाई भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 120बी, 467, 468 और 471 के तहत दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर की है। आरोपी महेंद्र गोयनका पूर्व में पाठक परिवार की कंपनी ‘यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ में एक मैनेजमेंट के पोस्ट पर कार्यरत था।

पद पर रहते हुए उसने न केवल सैकड़ों करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं कीं, बल्कि कंपनी के माल को भी छल-कपट से बेचकर भारी गबन किया।

कोलकाता कोर्ट ने दस दिन की रिमांड पर सौंपा

कोलकाता पुलिस महेन्द्र गोयनका को दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद कोलकाता कोर्ट लेकर पहुंची। यहां कोर्ट ने पुलिस को दस दिन की रिमांड दी है। दस दिन की रिमांड के दौरान गोयनका से कई बडे़ खुलासे हो सकते हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट से कोलकाता ले जाने के पहले महेन्द्र गोयनका

दिल्ली एयरपोर्ट से कोलकाता ले जाने के पहले महेन्द्र गोयनका

कटनी में भी दर्ज हैं मामले

इस मामले के तार केवल कोलकाता तक ही सीमित नहीं हैं। महेंद्र गोयनका और उसके साथी डायरेक्टर्स के खिलाफ मध्य प्रदेश के कटनी में भी जालसाजी के दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं।

इस मामले में शामिल गोयनका के सहयोगियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) से भी खारिज हो चुकी हैं, जिसके बाद से वे पिछले करीब डेढ़-दो साल से फरार चल रहे हैं और मध्य प्रदेश पुलिस अब तक उन्हें पकड़ने में नाकाम रही है।

सूत्रों के अनुसार, महेंद्र गोयनका को मध्य प्रदेश के कुछ रसूखदार अधिकारियों और कुछ नेताओं का संरक्षण प्राप्त था। आरोप है कि गोयनका कई आईएएस (IAS) अधिकारियों के काले धन को सफेद करने (मनी लॉन्ड्रिंग) के अवैध कारोबार में भी लिप्त था।

NCLT मुंबई ने भी की थी गंभीर टिप्पणियां

इससे पहले, 9 मई 2025 को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने भी अपने एक आदेश में महेंद्र गोयनका और उसकी पत्नी मीनू गोयनका द्वारा किए गए वित्तीय गबन को लेकर बेहद सख्त टिप्पणियां की थीं।

इसके अलावा, गोयनका की एक अन्य कंपनी ‘निसर्ग इस्पात’ में भी बड़े पैमाने पर धन के हेरफेर और वित्तीय गड़बड़ियों के मामले सामने आ चुके हैं। कोलकाता पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर इस पूरे सिंडिकेट और वित्तीय हेराफेरी की परतों को खोलने में जुट गई है।

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