कोरबा /बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में गले में चना अटकने से डेढ़ साल के मासूम की मौत हो गई। बच्चा खेलते समय चना निगल गया, जो गले में फंस गया। इससे बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन उसे अस्पताल लेकर गए। लेकिन, चना सांस नली में अटक गया था। डॉक्टर गले से चना निकाल पाते इससे पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है।
बच्चे का नाम शिवांश पोर्ते (16 माह) है। परिवार कोरबा जिले के पाली का रहने वाला है। फिलहाल, रतनपुर के खाल्हेपारा स्थित संजय जायसवाल के फॉर्म हाउस में रहते हैं। मंगलवार को शिवांश घर में खेल रहा था। इस दौरान यह हादसा हुआ।

बिलासपुर जिले में गले में चना अटकने से डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई।
दम घुटने के कारण छटपटाने लगा
बच्चे ने चना उठाकर खाया, लेकिन चना उसके गले में अटक गया। दम घुटने के कारण वह वहीं पर छटपटाने लगा। इसके बाद परिजन मासूम को लेकर रतनपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। तब तक मासूम की मौत हो गई थी।
परिजन बच्चे को लेकर रतनपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन मासूम की पहले ही मौत हो चुकी थी।
श्वास नली में फंस गया था चना
डॉक्टर्स के मुताबिक चना शिवांश के सांस नली में फंस गया था। जिसके चलते उसकी सांसें थमने लगी। वहीं, बच्चा अटक-अटक कर लगातार रोने लगा। डॉक्टर्स का कहना है कि इलाज शुरू कर पाते उससे पहले ही शिवांश ने दम तोड़ दिया था। इस मामले में रतनपुर पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
बच्चों का रखें ख्याल, सावधानी जरूरी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पेरेंट्स को अपने बच्चों पर ध्यान रखना चाहिए। साथ ही बच्चा खेल रहा है तो सावधानी जरूरी है। खेलते-खेलते बच्चा अगर, मुंह में कुछ डाल रहा है तो उसे तत्काल हटा दें। ताकि वह सांस नली में ना फंसे।
कोरबा में भी गले में चना अटकने से बच्चे की मौत हो गई थी।
एक महीने पहले कोरबा में भी हुई थी बच्चे की मौत
एक महीने पहले कोरबा जिले में भी गले में चना अटकने से 2 साल के बच्चे की मौत हो गई थी। परिजनों ने कहा था कि बच्चे को सुबह से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन शाम तक सही से इलाज नहीं मिला। समय पर चना निकल जाता तो बच्चा जिंदा होता। डॉक्टर कहते रहे बड़े साहब आएंगे वो देखेंगे।
