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IPS जितेंद्र शुक्ला बने NSG में ग्रुप कमांडर:केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को भेजा पत्र, तत्काल रिलीव करने का आदेश

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में ग्रुप कमांडर के पद पर नियुक्त किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर जानकारी दी है। उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि 2013 बैच के अधिकारी जितेंद्र शुक्ला को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत एनएसजी में एसपी स्तर के पद पर नियुक्त किया गया है।

जितेंद्र शुक्ला मूलतः उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) के रहने वाले हैं। उनका जन्म 22 सितंबर 1983 को हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद के राजकीय इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा पूरी की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए के बाद भूगोल विषय में एमए किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

2013 में ज्वाइन की आईपीएस सर्विस

जितेंद्र शुक्ला ने 2 सितंबर 2013 को आईपीएस सेवा ज्वाइन की। प्रशिक्षण के दौरान वे बिलासपुर में रहे और कोटा थाना प्रभारी के रूप में काम किया। इसके बाद वे अंबिकापुर में सीएसपी, सुकमा में एडिशनल एसपी रहे। उन्होंने सुकमा, महासमुंद, कोरबा, राजनांदगांव और दुर्ग जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।

NSG का गठन 1986 में किया गया

NSG खुद को जीरो एरर फोर्स करता है। यानी इसमें गलती होने की कोई गुंजाइश नहीं होती है।

NSG का गठन 1986 में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड एक्ट के तहत किया गया।

NSG विशेष रूप से आतंकवाद-विरोधी किसी भी अभियान को रोकने के लिए तैयार बनाया गया है। इनका इस्तेमाल तभी किया जाता है जब बेहद गंभीर आतंकवादी हमला हो।

देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी NSG के पास ही होती है। इसके अलावा भी कुछ चुनिंदा वीवीआई की सुरक्षा का जिम्मा एनएसजी के पास होता है।

1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद देश में ऐसे किसी फोर्स की जरूरत महसूस की गई।

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