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जयशंकर ने इजरायली विदेश मंत्री से फोन पर की बात, ईरान-होर्मुज और लेबनान मुद्दों पर की चर्चा

नई दिल्ली,एजेंसी। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar)  और   इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार (Gideon Sa’ar) के बीच फोन पर ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और लेबनान के हालात पर चर्चा की गई।  गिदोन सार ने  ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान की गतिविधियां “आर्थिक आतंकवाद” जैसी हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता को खतरा है। उन्होंने कहा कि सभी देशों, खासकर भारत और खाड़ी देशों के लिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

सार ने यह भी कहा कि अमेरिका का सख्त रुख, खासकर परमाणु कार्यक्रम को लेकर, बेहद जरूरी है ताकि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर एकजुट होकर कार्रवाई करने की अपील की। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब भारत के विदेश मंत्री हाल ही में United Arab Emirates के दौरे से लौटे हैं। वहां उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति के साथ ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

भारत ने इस पूरे मामले में संतुलित रुख अपनाया है। उसने लेबनान में बढ़ती हिंसा और नागरिक हताहतों पर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत के लिए क्षेत्र में शांति और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत ने हमेशा संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन United Nations Interim Force in Lebanon (UNIFIL) में भी योगदान दिया है और लेबनान में करीब 1000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिससे भारत की चिंता और बढ़ गई है। 

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