नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यों की हाई पावर्ड कमेटी के नामों का ऐलान किया। कमेटी का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को बनाया गया है।

इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड DGP डॉ. एलआर बिश्नोई शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को सुनवाई के दौरान इस कमेठी बनाने का फैसला लिया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि 20 जुलाई का कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च गैरकानूनी था। हालात संभालने के लिए बल प्रयोग किया गया था।
नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर CJP का प्रदर्शन जंतर-मंतर पर 49 दिन चला था। 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ था।
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। इसमें पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।
प्रदर्शन के दौरान 120 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर प्रदर्शन 20 जून से शुरू हुआ था। 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जबकि CJP ने पुलिस पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
पुलिस कार्रवाई में 180 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
