
कोरबा। रविवार 6 अप्रैल रामनवमी की गोधूलीबेला में मां सर्वमंगला मंदिर परिसर में अद्भूत नजारा देखने को मिला। अवसर था जवांरा कलश विसर्जन का। मां सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक एवं पुजारी नमन पाण्डेय ने सपरिवार जवांरा कलश की विधिवत पूजा-अर्चना की और उसके बाद मां स्वरूपा महिलाओं ने जवांरा कलश सिर पर रखकर जीवन दायनीय मां हसदेव नदी तट के लिए रवाना हुईं।
बैगा आगे-आगे चल रहे थे और कई महिलाओं में देवी चढऩे के कारण झूमने लगे और बैगा पूजा-पाठ कर उन्हें शांत कराते नजर आए। पाण्डेय परिवार ने भी नारी शक्ति की पूजा-अर्चना की और हसदेवघाट में जवांरा कलश का विधि-विधान से विसर्जन किया। सैकड़ों जवांरा कलश की दिव्यज्योति से परिसर में अद्भूत नजारा देखने को मिला। जवांरा कलश विसर्जन रैली की शक्ल में किया गया और ढोल-मंजीरा की थाप पर जवांरा कलश रैली निकली। सैकड़ों जवांरा कलाश की दिव्य ज्योति का नजारा अद्भूत था।
चैत्र नवमी पर सर्वमंगला देवी मंदिर में दिखा आस्था का सैलाब
मां सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में चैत्र शुक्ल नवमी रविवार 06 अप्रैल को मां सिद्धिदात्री स्वरूपा आदिशक्ति जगत जननी मां सर्वमंगला की पूजा अर्चना एवं दर्शन करने प्राताकाल से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई और मंदिर परिसर जहां खचा-खच भरा हुआ था, वहीं श्रद्धालुओं की लंबी लाईन लगी हुई थी। चैत्र शुक्ल नवमी होने के कारण भगवान राम का जन्मोत्सव होने के कारण लोगों का उत्साह दो गुना दिखाई दे रहा था और रामनवमी में भी मां सिद्धिदात्री स्वरूपा मां सर्वमंगला से आशिर्वाद प्राप्त करने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी और लंबी लाईन लगी हुई थी। मां सिद्धिदात्री स्वरूपा की पूजा अर्चना करने अलसुबह से ही हजारों श्रद्धालु मां सर्वमंगला मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भोग के रूप में धान, तिल, लाई एवं फल का भोग लगाया। मां सिद्धिदात्री की पूजा से वाणी सिद्धि प्राप्त होती है और मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना से वाणी में संयम आता है।
सब पर कृपा बनाए रखे मातारानी-नमन पाण्डेय
रामनवमी में गोधूलीबेला पर जवांरा कलश का विसर्जन होने के साथ चैत्र नवरात्रि का महापर्व संपन्न हो गया। मां सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक एवं पुजारी नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने कहा कि सबके सहयोग से 8 दिवसीय चैत्र नवरात्रि का महापर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। मातारानी विश्व का कल्याण करे और विश्व में शांति, भाई-चारा, सद्भाव बढ़े। गौ-माता की रक्षा हो और सनातन धर्म का विश्व गगन पर पताका फहरे। मां की सभी पर कृपा बरसे और सभी को धन, वैभव, संपन्नता, समृद्धि दे और भारत फिर से विश्व गुरू की पदवी पाए। उन्होंने इस महापर्व के संपन्न होने पर सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है।
