नई दिल्ली ,एजेंसी। मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से नीतीश कुमार की JDU ने समर्थन वापस लिया है। पार्टी का एकमात्र विधायक अब विपक्ष में बैठेगा। हालांकि इससे सीएम बीरेन सिंह की सरकार पर असर नहीं पड़ेगा।
नवंबर 2024 में भाजपा सरकार में शामिल नेशनल पीपुल्स पार्टी ने समर्थन वापसी का ऐलान किया था। 60 सदस्यों वाली मणिपुर विधानसभा में NPP के 7 सदस्य हैं, जो भाजपा सरकार को समर्थन दे रहे थे। भाजपा के पास 32 सदस्य हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 31 हैं। ऐसे में सरकार को फिलहाल खतरा नहीं है। जेडीयू ने कहा- इस समर्थन वापसी के बावजूद केंद्र और बिहार में NDA गठबंधन चलता रहेगा।
केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को नेशनल हेल्थ मिशन को अगले पांच साल के लिए जारी रखने को मंजूरी दी है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मिशन ने पिछले 10 साल में ऐतिहासिक लक्ष्य पूरे किए हैं।
गोयल ने यह भी बताया कि 2021 और 2022 के बीच लगभग 12 लाख स्वास्थ्य कर्मी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में शामिल हुए और भारत ने मिशन के तहत COVID-19 महामारी से लड़ा।
इसके अलावा कैबिनेट बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,650 रुपए प्रति क्विंटल मंजूर किया, जो पिछले MSP से 6% या 315 रुपए अधिक है। पीयूष गोयल ने कहा कि इससे पश्चिम बंगाल, असम और बिहार जैसे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के किसानों को मिलेगा लाभ।
दिल्ली दंगों के आरोपी और पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम बेल याचिका लगाई थी। इसपर सुनवाई होने के बाद बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने फैसला सुनाया। दोनों जजों की राय अलग-अलग थी।
जस्टिस पंकज मित्तल ने बेल याचिका खारिज करते हुए कहा कि ताहिर को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। वहीं, जस्टिस अहसानउद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि उन्हें बेल पर रिहा करना चाहिए।
मामला अब CJI संजीव खन्ना को भेजा जाएगा। CJI मामले पर फैसले के लिए नई बेंच बनाएंगे। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई की बारे में नहीं बताया गया है।
