कोरबा। कोरबा पुलिस ने ज्वेलरी दुकान में हुई चोरी की वारदात का महज 18 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 03 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी का सोना और वारदात में इस्तेमाल की गई कार जब्त की है।
यह घटना 24 अप्रैल को सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। दोपहर करीब 12:15 बजे तीन महिलाएं ग्राहक बनकर एक ज्वेलरी दुकान में पहुंचीं। ज्वेलरी देखने के बहाने उन्होंने दुकानदार का ध्यान भटकाया और मौका मिलते ही सोने के जेवर चोरी कर फरार हो गईं।

कई राज्यों में दे चुके हैं वारदात
दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी पूरी हरकत कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में इसी तरह चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। गिरफ्तार महिलाओं में से दो पहले भी कोलकाता में चोरी के मामलों में जेल जा चुकी हैं।
सास, बहू और दामाद भी शामिल
कोरबा में वारदात के बाद आरोपी संबलपुर (ओडिशा) में अगली चोरी की योजना बना रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में सास, बहू और दामाद भी शामिल हैं।
4.50 लाख का सोना बरामद
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए दो सोने के चेन और एक सोने का लॉकेट बरामद किया गया है। इनकी कुल कीमत करीब 4.50 लाख रुपए बताई जा रही है। वारदात में इस्तेमाल की गई XUV300 कार भी जब्त कर ली गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
नासिर मोल्ला (41)
सजना बीबी (40)
मिथुन चक्रवर्ती (38)
तापसी दास (38)
गुलापी दास (55)
ये सभी पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। पुलिस अब गिरोह से अन्य राज्यों में हुई चोरी की वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
कानूनी कार्यवाही – प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध धारा 305(A) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
इस तरह देते थे अपराध को अंजाम
आरोपीगण द्वारा सुनियोजित तरीके से गिरोह बनाकर वारदात को अंजाम दिया जाता था। गिरोह की महिलाएं ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकान में प्रवेश करती थीं और आभूषण देखने के दौरान दुकानदार/कर्मचारियों का ध्यान भटकाती थीं, जबकि उनके साथी मौके का फायदा उठाकर आभूषण चुपचाप अपने कब्जे में लेकर निकल जाते थे। वारदात के तुरंत बाद आरोपीगण वाहन से तेजी से स्थान बदलकर दूसरे शहर/राज्य की ओर निकल जाते थे, जिससे उनकी पहचान एवं गिरफ्तारी कठिन हो सके।
कई अन्य मामलों का खुलासा
पुलिस पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि ये गिरोह पश्चिम बंगाल के राणाघाट, मालदा एवं सिलीगुड़ी क्षेत्र में भी इसी प्रकार की वारदातें कर चुका है तथा छत्तीसगढ़ के अन्य बड़े शहर इनके टारगेट में थे। अन्य मामलों में पूछताछ जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई अन्य मामलों का खुलासा हो सकेगा।
