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कंगना बोलीं- राहुल टपोरी की तरह संसद आते हैं:तू-तड़ाक करते हैं, उन्हें देखकर महिलाएं अनकम्फर्टेबल फील करती हैं

नई दिल्ली,एजेंसी। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने बुधवार को संसद के बाहर कहा- राहुल को देखकर हम महिलाओं को काफी अनकम्फर्टेबल फील होता है। उन्होंने कहा-

वह टपोरी की तरह आते हैं, तू-तड़ाक करते हैं। इंटरव्यू दे रहे लोगों को परेशान करते हैं। कहते हैं- आजा…आजा। उन्हें अपनी बहन को देखना चाहिए। उनका व्यवहार बहुत अच्छा है।

कंगना का यह बयान उस विवाद के बाद आया है, जिसमें 12 मार्च को संसद परिसर के मकर द्वार पर राहुल गांधी के चाय-नाश्ता करने को लेकर आलोचना हुई थी। इस मामले में 84 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स , 116 पूर्व सैनिक और 4 वकीलों ने एक ओपन लेटर लिखकर राहुल गांधी से देश के लोगों से माफी की मांग की है।

राहुल ने 12 मार्च को LPG संकट को लेकर प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों के साथ संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-बिस्किट खाया था।

कांग्रेस सांसद बोलीं- कंगना को राहुल पर बोलने का हक नहीं

कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने भाजपा सांसद कंगना रनौत पर कहा- कंगना रनौत की बातें उनके चरित्र को दर्शाती हैं। सिर्फ अच्छे कपड़े पहन लेने या सेलिब्रिटी होने से कोई अच्छा इंसान नहीं बन जाता। यही उनकी राजनीति का स्तर है, इसलिए वास्तव में उन्हें राहुल गांधी के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा ने कहा- कंगना को लगता है कि संसद कोई स्टूडियो है, जहां अच्छे कपड़े पहनकर, पूरी तरह तैयार होकर और एक्टिंग करनी होती है। उन्हें क्यों लगता है कि राहुल टपोरी की तरह व्यवहार करते हैं? राहुल गांधी यहां फिल्म बनाने नहीं आते हैं।

पूर्व PM देवगौड़ा ने सोनिया से कहा था- राहुल को समझाएं

पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) नेता एचडी देवगौड़ा ने राहुल के व्यवहार को लेकर 16 मार्च को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेटर लिखा था। उन्होंने लिखा- विपक्ष की वरिष्ठ नेता होने के नाते आप अपने सांसदों से बात करें और संसदीय मर्यादा बनाए रखने के लिए उन्हें समझाएं।

92 साल के देवगौड़ा ने दो पेज के लेटर में राहुल के हाल के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार नारेबाजी, पोस्टर दिखाने और धरना-प्रदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंच रहा है। संसद परिसर में सीढ़ियों पर बैठकर चाय-नाश्ते के साथ प्रदर्शन करना संस्थान की गरिमा को कम करता है।

शाह बोले- राहुल दुनियाभर में भारत की छवि खराब कर रहे

अमित शाह ने 15 मार्च को असम के गुवाहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा- राहुल कभी-कभी संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं। क्या उन्हें यह एहसास नहीं है कि नाश्ता करने के लिए कौन-सी जगह उचित होती है?

शाह ने आगे कहा- संसद हमारे लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है। वहां बैठकर विरोध करना भी लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है। लेकिन आप तो विरोध से भी दो कदम आगे बढ़ गए हैं। आप वहां चाय और पकौड़े खा रहे हैं। इससे दुनिया भर में भारत की छवि खराब हो रही है।

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