नई दिल्ली,एजेंसी। संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस हुई। खड़गे ने कहा- क्या अब मुझे किरेन रिजिजू से सीखना पड़ेगा। वे चेयरमैन के चेंबर में जाकर बोलते हैं कि रोज मैं ही यहां आकर बोलता हूं। अगर मैं नियम नहीं पढ़ूंगा तो क्या उनकी दी हुई चीजें पढ़ूं?
खड़गे ने कहा- क्या बोलना है, कब बोलना है और कैसे बोलना है, यह तय करना मेरा अधिकार है। सत्ता पक्ष हमारे सांसदों का अपमान कर रहा है। मैं सिर्फ अमित शाह के संसद में आकर जवाब देने की मांग कर रहा हूं। इस सदन में जेटली जी ने खुद कहा था कि रुकावट लोकतंत्र का हिस्सा है।
इस पर रिजिजू ने कहा- कांग्रेस अध्यक्ष विपक्ष के नए सदस्यों को बोलने का मौका ही नहीं दे रहे हैं। एक ही मुद्दे पर बार-बार बोलकर समय बर्बाद कर रहे हैं। पवन खेड़ा कांग्रेस के नए सांसद है। संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर मैं सदन में उन्हें सम्मानित करना चाहता हूं। लेकिन दिक्कत यह है खेड़ा को अब तक वेलकम स्पीच देने तक का मौका नहीं मिला।
- सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही कुछ ही मिनटों बाद दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। 2 बजे 10 मिनट कार्यवाही चलने के बाद लोकसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
- राज्यसभा में कार्यवाही करीब आधे घंटे चली। हंगामे के कारण करीब 11:25 बजे राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
- दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। इस दौरान रिजिजू और खड़गे के बीच तीखी बहस हुई। राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2:15 बजे तक स्थगित कर दी गई।
- 2.15 बजे राज्यसभा की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित की गई। 2.45 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई।
- दोपहर 2 बजे गृह मंत्री अमित शाह भी संसद पहुंचे थे। विपक्ष 20 जुलाई से लगातार सदन में उनकी गैर मौजूदगी को लेकर सवाल उठा रहा था। विपक्ष संसद मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस एक्शन को लेकर शाह से जवाब की मांग कर रहा है।

