राजनांदगांव, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पद्मश्री फूलबासन बाई यादव की किडनैपिंग करने वाले आरोपी पकड़े गए हैं। मुख्य आरोपी खुशबू साहू ने पैसों के लालच और टेंडर का काम निकलवाने के लिए किडनैपिंग की साजिश रची थी।
मामला सुकुलदैहान चौकी क्षेत्र का है। छत्तीसगढ़ में मां बम्बलेश्वरी समूह महिलाओं के उत्थान के लिए काम करती है, इसकी CEO फूलबासन बाई है। इससे प्रदेशभर में 50 और समूह संचालित होते हैं। जिसमें हजारों महिलाएं जुड़ी है। इस समूह को चलाने के लिए अनुदान के जरिए करोड़ों की राशि मिलती है।

खुशबू साहू बेमेतरा क्षेत्र की है, वह इससे 6 महीने पहले ही जुड़ी थी। उसे लगा कि फूलबासन बाई के पास संस्था के जरिए काफी पैसा और प्रभाव है, इसलिए उनका अपहरण कर उनसे पैसे व अपने मनमाफिक काम (टेंडर आदि) करवाए जा सकते हैं। इसलिए उसने किडनैपिंग की प्लानिंग की। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
फूलबासन बाई की किडनैपिंग करने वाले सभी आरोपी गिरफ्तार।
मुख्य आरोपी खुशबू साहू, जो किडनैपिंग की साजिश की।
फूलबासन बाई ने रो-रोकर परिजनों को पूरी बात बताई।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, बेमेतरा निवासी खुशबू साहू अपने तीन साथियों के साथ मंगलवार सुबह करीब 10 बजे फूलबासन बाई (56) के घर पहुंची। उन्होंने ‘जरूरी चर्चा’ का बहाना बनाकर फूलबासन बाई को घर से बाहर बुलाया। उनके साथ फोटो खिंचवाने और बर्थडे मनाने की बात कहकर अपनी कार में बैठा लिया।
कार के आगे बढ़ते ही आरोपियों ने फूलबासन बाई के हाथ-पैर बांध दिए और उनके मुंह पर गमछा लपेट दिया, जिससे वे शोर न मचा सकें। किडनैपर्स खैरागढ़ के रास्ते से भागने की कोशिश कर रहे थे। चिखली पुलिस चौकी के पास रूटीन चेकिंग कर रही पुलिस टीम ने शक होने पर उनकी कार को रोक दिया।
पुलिस को देखकर आरोपियों ने बताया कि, मरीज को मिर्गी का दौरा पड़ा है, उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं। लेकिन एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया और शक होने पर मुख्य आरोपी महिला खुशबू साहू समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों में ये शामिल
- खुशबू साहू (27), बेमेतरा, मुख्य आरोपी
- सलोनी महेश्वरी, बेमेतरा
- दिनेश बंजारे (35) बेमेतरा
- गोपाल खेलवार (25) दुर्ग, ड्राइवर
- चिनक राम साहू (38) बेमेतरा, षडयंत्र में शामिल
इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140 (1), (हत्या या फिरौती के उद्देश्य से किसी व्यक्ति का अपहरण) धारा 140 (3), 351(3) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 2009 में फूलबासन बाई को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।
फूलबासन बाई के संपर्क में थी खुशबू
पुलिस जांच में सामने आया है कि, मुख्य आरोपी खुशबू साहू पिछले 4-5 महीनों से फूलबासन बाई के संपर्क में थी। खुशबू साहू खुद सहायता समूहों से भी जुड़ी है। उस पर बेमेतरा इलाके में रोजगार ट्रेनिंग के नाम पर महिलाओं से अवैध वसूली के आरोप भी है।
फुलबासन बाई को उचित सुरक्षा दी जाए- देवेंद्र यादव
वहीं कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शान, पद्मश्री सम्मानित फुलबासन बाई के साथ अपहरण की कोशिश बेहद चिंताजनक है। यह घटना साफ दर्शाती है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब एक पद्मश्री सम्मानित महिला खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं, तो आम बहनों-बेटियों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गृहमंत्री विजय शर्मा से इस्तीफे की मांग
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब पद्मश्री सम्मानित महिला ही सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और हालात चिंताजनक हैं। कांग्रेस ने गृहमंत्री विजय शर्मा से इस्तीफे की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने की चर्चा, पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना को गंभीरता से लिया। उन्होंने फुलबासन बाईं से फोन पर चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
SP अंकिता शर्मा और ASP कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई के लिए आईजी बालाजी राव ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है।
