कोरबा। कोरबा नगर पालिक निगम में विकास कार्यों के लोकार्पण के बीच निगम के भीतर अव्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। विरोध स्वरूप निगम सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठकर काम किया। मामले के बाद निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।

पूरा मामला बिहारी लाल बहादुर शास्त्री चौक स्थित मूर्तिकला के लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आवास-सार्वजनिक उपक्रम मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। आयोजन के दौरान कई जनप्रतिनिधियों को सूचना और आमंत्रण नहीं मिलने की शिकायतें सामने आईं।
महापौर, सभापति समेत कई वरिष्ठ पार्षदों को भी कथित तौर पर उचित तवज्जो नहीं मिलने से निगम के भीतर असंतोष बढ़ गया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक समन्वय को लेकर लंबे समय से नाराजगी थी। आयोजन में प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से सभापति खासे नाराज थे।
विरोध के लिए अपनाया अनोखा तरीका
इसी नाराजगी के चलते सोमवार को सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी पर बैठने से इनकार कर दिया। उन्होंने जमीन पर बैठकर ही निगम का कामकाज निपटाया। इसकी तस्वीर सामने आने के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे।
प्रभारी सचिव को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
मामले ने तूल पकड़ा तो निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव गणेश्वर सिंह कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कार्यक्रम के दौरान लापरवाही और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने को गंभीर माना गया है।
तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी
प्रभारी सचिव से तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निगम में चर्चाओं का दौर तेज
घटनाक्रम के बाद निगम के गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सभापति ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान आवश्यक है और प्रोटोकॉल का पालन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
