कोरबा। विश्व विख्यात श्रीमद्भागवत कथा वाचक एवं जीवन प्रबंधन गुरू पंडित विजय शंकर मेहता का सानिध्य कोरबा को पहली बार मिलेगा। मातनहेलिया परिवार द्वारा पितृमोक्षार्थ गया श्राद्ध अंतर्गत जश्न रिसोर्ट राताखार कोरबा में 24 से 30 अगस्त तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में बतौर व्यासपीठ पंडित विजय शंकर मेहता कोरबावासियों को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का संगीतमय प्रवचन सुनाएंगे। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के अंतिम दिन 31 अगस्त 2025 को कथा को विराम दिया जाएगा और हवन, पूर्णाहुति के साथ 8 दिवसीय आयोजन सम्पन्न किया जाएगा। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के निमित्त 25 सितम्बर 2025 को जश्न रिसोर्ट में ही मातनहेलिया परिवार द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
पंडित विजय शंकर मेहता का कोरबा आना कोरबावासियों के लिए सौभाग्य की बात- राजबीर प्रसाद अग्रवाल

पितृमोक्षार्थ गया श्राद्ध अंतर्गत मातनहेलिया परिवार द्वारा 24 अगस्त से जश्न रिसोर्ट कोरबा में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रवचन देने एवं कोरबावासियों को जीवन प्रबंधन का गुण सिखाने पहली बार विश्व विख्यात कथावाचक पंडित विजय शंकर मेहता कोरबा की पावनधरा पर पधार रहे हैं। मातनहेलिया परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य राजबीर प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि यह कोरबावासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि एक मूर्धन्य व्यक्तित्व के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य संगीतमय कथा के माध्यम से विभिन्न प्रहसनों एवं लीलाओं तथा झांकियों के माध्यम से बताया जाएगा और कोरबावासी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान करेंगे। यह मातनहेलिया परिवार का भी सौभाग्य है कि उनके निवेदन पर पंडित विजय शंकर मेहता जी कोरबा पधार रहे हैं।
विश्वस्तर के व्यक्तित्व को सुनने का अवसर मिलेगा-राजकुमार अग्रवाल
आज के व्यस्त जीवन में धार्मिक कथा का श्रवण करने एवं महान व्यक्तियों को सुनने का अवसर कभी-कभी मिलता है। मातनहेलिया परिवार के सदस्य राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि विश्वस्तर के व्यक्तित्व पंडित विजय शंकर मेहता जी कोरबा में पहली बार पधार रहे हैं और उनके श्रीमुख से भगवान की दिव्य लीलाओं का वर्णन सुनने को मिलेगा, यह कोरबावासियों के लिए एक अद्भूत क्षण होगा। राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि पंडित विजय शंकर मेहता का कोरबा की पावनधरा पर शत-शत अभिनंदन है एवं कोरबावासियों की तरफ से नमन भी।
पंडित श्री मेहता की दिव्य वाणी से मिलेगी कोरबा को अद्भूत शांति-भगवानदास
मातनहेलिया परिवार के सदस्य भगवान दास अग्रवाल ने कहा कि पंडित विजय शंकर मेहता एक लब्धप्रतिष्ठित कथावाचक होने के कारण कोरबावासी उनसे परिचित होंगे, लेकिन उनसे पहली बार रूबरू होने का अवसर कोरबावासियों को मिलेगा। उनकी दिव्य वाणी से निकली भगवत कथा से कोरबावासियों को अद्भूत शांति का एहसास होगा। उन्होंने कोरबावासियों से अपील करते हुए कहा कि मातनहेलिया परिवार द्वारा आयोजित इस दिव्य कथा उत्सव में अवश्य शामिल हों और कथा का पूण्य लाभ अवश्य लें।
महान लोगों की पलभर की संगति बदल देती है जिंदगी- राकेश सिंगला
मातनहेलिया परिवार गोविंदगढ़ पंजाब के सदस्य राकेश सिंगला ने कहा कि महान लोगों की पलभर की संगति सानिध्य पाने वाले लोगों की जिदंगी बदल देती है। कोरबा में महान कथा वाचक पंडित विजय शंकर मेहता का पावन सानिध्य हम सबको मिलेगा और वे 8 दिन तक अपने श्रीमुख से भगवान की लीलाओं से हमें संगीतमय साक्षात्कार कराएंगे, यह बहुत बड़ी बात है। उनके सानिध्य से कोरबावासियों को आध्यात्म का अद्भूत लाभ प्राप्त होगा। हमारे जीवन में हमारे पितरों का भी बहुत महत्व है और उनके श्राद्ध के लिए हमारे परिवार द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य आयोजन कोरबा के जश्न रिसोर्ट में 24 तारीख से किया जा रहा है। कोरबा की धरा उर्वरा और राष्ट्र निर्माण के लिए अपना पावन आशीर्वाद भी दे रहा है।
जीवन अनमोल है, इसे भगवान के पावन सानिध्य में कुछ पल बिताएं- अनिल अग्रवाल
गोविंदगढ़ पंजाब निवासी मातनहेलिया परिवार के सदस्य अनिल अग्रवाल ने कहा कि हमें 8 दिनों तक प्रख्यात कथा वाचक एवं जीवन प्रबंधन गुरू पंडित विजय शंकर मेहता का पावन सानिध्य कोरबा में प्राप्त होगा, इसका लाभ कोरबावासी अवश्य उठाएं और 24 अगस्त से जश्न रिसोर्ट में प्रारंभ हो रहे श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने कथा स्थल अवश्य पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण के अवतार से भारतभूमि धन्य हो गई और उनके प्रेम से विश्व में सद्भाव का संदेश पहुंचा। भगवान से प्रेम मायने स्वयं से प्रेम करना है और अपनी जीवआत्मा एवं पुरखों की जीवआत्मा को समृद्ध और पुष्ट बनाने के लिए श्रीमद्भागवत कथा जीवन दायनी गंगा के समान है। 8 दिन तक आध्यात्म की गंगा कोरबा के जश्न रिसोर्ट में बहेगी, जिसमें कोरबावासी सादर आमंत्रित हैं।
स्वयं के लिए भी मनुष्य को समय निकालना जरूरी है- श्रीनिवास अग्र्रवाल
मातनहेल हरियाणा से कोरबा पहुंचे मातनहेलिया परिवार के सदस्य श्रीनिवास अग्रवाल ने कहा कि भगवान की कथाओं का श्रवण करने का समय कभी-कभी मिलता है और इस स्वर्णीम समय का सदुपयोग जीवन को समृद्ध बनाने के लिए अवश्य करना चाहिए। सभी मनुष्य को स्वयं के जीवन की समृद्धि के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए। जिस प्रभू ने हमें मानव जीवन की सौगात दी है, उसे हर पल याद करना जरूरी है। मनुष्य कितना भी आगे बढ़ जाए, लेकिन प्रकृति के सामने सब नतमस्तक हैं। जो आया है, उसे ईश्वर के पास जाना ही है। जो चले गए उनका भी हमें आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके सम्मान में हम श्राद्ध निमित्त भागवत कथा का आयोजन करते हैं, जिससे उन्हें ईश्वरधाम प्राप्त हो।
