रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर खास रौनक देखने को मिल रही है। आज शुभ संयोगों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। शहर के अलग-अलग मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक, भजन-कीर्तन और भोग की तैयारियां की गई हैं।
जैतुसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुआ और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग लगेगा। समता कॉलोनी के राधाकृष्ण मंदिर में 101 लीटर दूध से भगवान का अभिषेक किया गया। इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय महोत्सव हो रहा है। इसमें प्रतियोगिताओं के साथ भजन-कीर्तन, महाभिषेक और छप्पन भोग होगा।
राजनांदगांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव अखाड़े में आयोजित पारंपरिक खेल में शामिल हुए। वहीं दंतेवाड़ा में दही हांडी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
महापौर मधुसूदन यादव अखाड़े में आयोजित पारंपरिक खेल में शामिल हुए।
दंतेवाड़ा के सुरभी कॉलोनी में दही हांडी कार्यक्रम का आयोजन।
रायगढ़ में दो दिन दिखेंगी झांकियां
रायगढ़ के श्याम मंदिर और गौरी शंकर मंदिर में रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। सुबह से मंदिरों में अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी, जो दो दिन तक रहेंगी। इन्हें देखने ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। अगले दिन सुबह जगह-जगह भंडारे होंगे।

रायपुर का जैतुसाव मठ।
जैतुसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुए का भोग
रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतुसाव मठ में ठाकुरजी के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। आज 4 सितंबर की शाम 4 बजे भजन संध्या होगी। जन्मोत्सव के मौके पर ठाकुरजी का स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा। रात 12 बजे मंत्रोच्चार के साथ आरती होगी।
भगवान को 11 क्विंटल मालपुआ और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद कल (5 सितंबर) की शाम 5 बजे से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा।
दूधाधारी मठ में 4 दिन चलेगा उत्सव
दूधाधारी मठ और इससे जुड़े मठ-मंदिरों में जन्माष्टमी का पर्व 7 सितंबर तक मनाया जाएगा। आज सुबह 8 बजे से भजन-कीर्तन शुरू हो चुके हैं। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की आरती होगी। 7 सितंबर को एकादशी के दिन रात 12 बजे आयोजन का समापन होगा।
राधाकृष्ण मंदिर में 101 लीटर दूध से अभिषेक
समता कॉलोनी के राधाकृष्ण मंदिर में आज सुबह 7 बजे भगवान श्रीकृष्ण का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। मंदिर और प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कोलकाता के कारीगरों ने किया है। सुबह 9 बजे से झांकी दर्शन शुरू हो चुके हैं। रात 8 बजे से भजन और भक्तिमय कार्यक्रम होंगे। मध्यरात्रि में जन्मोत्सव के बाद महाआरती होगी। 5 सितंबर को राणी सती दादी का मंगल पाठ होगा।
कारागार में जन्म के बाद इस तरह निकलेंगे वासुदेव। (फाइल फोटो)
कोतवाली थाने के कारागार में जन्म
शहर के सिटी कोतवाली में भी इस बार भी श्रीकृष्ण जन्म उत्सव मनाया जाएगा। यहां वासुदेव, देवकी, सैनिकों की वेशभूषा में कलाकार भगवान के जन्म का मंचन करेंगे। रात 12 बजते ही थाने की लाइट कुछ देर के लिए बंद कर दी जाएगी।
जिस प्रकार वासुदेव ने श्रीकृष्ण को टोकरी में रखा और उसे अपने सिर पर रखकर कारागार से बाहर निकले, ठीक उसी प्रकार का दृश्य यहां भी नजर आएगा। कोतवाली थाने से जयकारा लगाते हुए ठाकुर जी को सदर बाजार के गोपाल मंदिर ले जाया जाएगा।
156 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर में दुग्धाभिषेक
पेठा लाइन नयापारा के श्री बांके बिहारी मंदिर में सुबह 8 से 10 बजे तक दुग्धाभिषेक हुआ। सुबह 11:30 बजे श्रृंगार दर्शन होंगे। दोपहर और शाम को भजन कार्यक्रम होंगे। रात 12:01 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद आरती होगी। मंदिर की स्थापना को करीब 156 साल हो चुके हैं।
इस्कॉन में 3 दिन महोत्सव, रात 9 बजे महाभिषेक
टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में 5 सितंबर तक जन्माष्टमी महा-महोत्सव होगा। भक्ति नृत्य समेत कई प्रतियोगिताएं होंगी। मंगल आरती से कार्यक्रम शुरू होंगे। कृष्ण बाललीला, भजन-कीर्तन, पुष्पांजलि और कथक की प्रस्तुति होगी। रात 9 बजे महाभिषेक और मध्यरात्रि में छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। रात 12.15 बजे महाआरती होगी।
चार धाम की सामग्री से होगी गिरिराज मंदिर में पूजा
बूढ़ापारा के गिरिराज मंदिर में बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी, रामेश्वर और द्वारका धाम से लाई गई सामग्री से भगवान की आराधना की जाएगी। मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां करीब एक महीने पहले से शुरू हो गई हैं।
गोपाल मंदिर में जन्म के अगले दिन नंद महोत्सव
सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर में आज (4 सितंबर) रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद पूजा-अर्चना होगी। कल (5 सितंबर) नंद महोत्सव मनाया जाएगा। भगवान को पालने में झुलाया जाएगा और श्रद्धालु भजन गाकर जन्म की खुशियां मनाएंगे।
