कोरबा। कोरबा के SECL कुसमुंडा खदान में जीएम कार्यालय के बाहर धरना दे रही महिलाओं के साथ लेडी बाउंसरों की बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यह वीडियो नीलकंठ नामक निजी कंपनी के बाउंसरों का है। जिसमें बाउंसर्स ने उंगली दिखाकर प्रदर्शनकारियों को हटने की बात कही।
प्रभावित भूस्थापित परिवार मुआवजा, नौकरी और बसाहट समेत कई मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इस मामले में SDM ने हस्तक्षेप किया है। उन्होंने भूविस्थापित परिवारों की समस्याओं का समाधान एक हफ्ते में करने का आश्वासन दिया गया है।
प्रभावित भूस्थापित परिवार और महिला बाउंसर के बीच बहस भी हुई।
कांग्रेस ने की निंदा
कांग्रेस के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र में महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।
एक हफ्ते में समाधान करने का आश्वासन
मामले को गंभीरता से लेते हुए कटघोरा एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को अपने कार्यालय बुलाया। गोमती केवट के जमीन मुआवजे के मामले में 72 घंटे के भीतर एक व्यक्ति की नौकरी समाप्त कर उन्हें नियुक्ति देने की सहमति बनी।

कुसमुंडा क्षेत्र के प्रभावित परिवार जो अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे है।
प्रदर्शनकारियों से अधिकारियों की नोक-झोंक
प्रदर्शनकारियों ने 3 दिवसीय आंदोलन की चेतावनी के तहत एसईसील कुसमुंडा के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के गेट पर तालाबंदी की थी। महिलाएं और पुरुष खाट लगाकर धरने पर बैठे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और एसईसीएल अधिकारियों के बीच नोक-झोंक भी हुई।
