DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

अंबेडकर अस्पताल से रायपुर सेंट्रल-जेल लौटे लखमा:आंखों का हुआ चेकअप, कांग्रेस ने लगाया था लापरवाही का आरोप, 10 महीने से जेल में हैं बंद

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को इलाज के लिए रायपुर के अंबेडकर अस्पताल लाया गया था। यहां उनकी आंखों का चेकअप हुआ। जांच के बाद उन्हें फिर से सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। लखमा का इलाज सुरक्षित तरीके से हो, इसके लिए शासन ने उनके साथ पुलिस बल की व्यवस्था भी की थी।

कांग्रेस ने जेल में बंद कवासी लखमा के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और कुलदीप जुनेजा ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम से मुलाकात की थी। कवासी लखमा को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की मांग की थी। बता दें कि पूर्व मंत्री लखमा पिछले 10 महीने से जेल में बंद हैं।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और कुलदीप जुनेजा ने की थी DGP से मुलाकात।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और कुलदीप जुनेजा ने की थी DGP से मुलाकात।

लखमा को बाहर इलाज की अनुमति नहीं

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि कवासी लखमा वरिष्ठ मंत्री और 6 बार के विधायक रहे हैं, फिर भी उनके इलाज में लापरवाही की जा रही थी। सरकार पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रही है।

कांग्रेस पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई थी। जेल अस्पताल लखमा को इलाज के लिए बाहर रेफर किया है। लेकिन उनको जेल के बाहर अस्पताल नहीं ले जाया जा रहा था।

शराब घोटाले में जेल में बंद हैं लखमा

बता दें कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाला मामले में 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। फिलहाल, वे रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं।

क्यों हुई लखमा की गिरफ्तारी

ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कवासी लखमा के इशारे पर छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

ये कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद पेशी के समय की तस्वीर है।

कमीशन के पैसे से बेटे का घर बना, कांग्रेस भवन निर्माण भी

ED के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट में बताया था कि 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे।

ED ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। नेता, कारोबारी और अधिकारियों ने जमकर अवैध कमाई की।

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

Exit mobile version