अजय जायसवाल फिर करेंगे नेतृत्व
भूविस्थापितों को उनका हक दिलाकर रहेंगे-अजय
विस्थापित ग्रामीणों को रोजगार दिलाने अजय जायसवाल द्वारा पुन: दिनाँक 20/01/2025 को मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय गेवरा का घेराव किया जाएगा
कोरबा/गेवरा। 18 जनवरी को आधा दर्जन गांव के बेरोजगार युवकों ने जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष अजय जायसवाल के नेतृत्व में सुबह 9.00 से शाम तक एसईसीएल गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर तालाबंदी कर दी थी और तालाबंदी समाप्त करने के लिए एसईसीएल के अधिकारी यहां पहुंचे लेकिन सक्षम अधिकारी के आने की मांग पर भू विस्थापित अड़े रहे और अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टी होते तक तालाबंदी जारी रही, जिसके कारण एसईसीएल गेवरा में विभागीय कामकाज ठप्प रहा। कई अधिकारी-कर्मचारी भू विस्थापित युवकों का आक्रोश देखकर सीजीएम आफिस के पीछे रास्ते से खेत होते हुए भाग खड़े हुए। कल 20 जनवरी को भू विस्थापित फिर से सीजीएम कार्यालय एसईसीएल गेवरा का फिर से घेराव करेंगे। कल के आंदोलन में और बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक धरना स्थल पहुंचेंगे।
भू विस्थापित ग्राम भिलाई बाजार, उमेंदीभाठा, मुडिय़ानार, सलोरा पंडरीपानी, नावापारा, रलिया केशला, बरभाठा के बेरोजगार युवकों को ठेका श्रमिक रोजगार प्रदान करने प्रबंधन को जिला पंचायत कोरबा की उपाध्यक्ष श्रीमती रीना अजय जायसवाल द्वारा कई बार पत्राचार किया गया और पिछले आंदोलन में सक्षम अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि ठेका कंपनियों में स्थानीय बेरोजगार युवकों को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन अधिकारी अपने वादे से मुकरे और ठेका कंपनियों में अब तक किसी भी स्थानीय युवकों को नौकरी नहीं दी गई। त्रिपक्षीय वार्ता में 55 लोगों को एक सप्ताह के भीतर रोजागर प्रदान करने की बात पर सहमति बनी थी, परंतु प्रबंधन द्वारा वादाखिलाफ़ी करते हुए किसी को रोजगार प्रदान नही किया, वहीं बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। प्रबंधन के इसी वादाखिलाफ़ी के खिलाफ गत 18 जनवरी को सैकड़ों ग्रामीण अजय जायसवाल के नेतृत्व में सुबह 9 बजे से महाप्रबंधक कार्यालय गेवरा के दोनों गेट में तालाबंदी कर प्रदर्शन किये थे । तत्पश्चात एसईसीएल के जीएम भू राजस्व, खनन के द्वारा 10 लोगों को ज्व्ॉइनिंग कराने की बात कह, जिस पर अजय जायसवाल द्वारा मना करते हुए पूरे 55 सहित और बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने की बात पर अड़े रहे और सीजीएम के वादे की याद दिलायी। 24 घंटा बीत जाने के बाद भी अधिकारियों का अब तक कोई जवाब नहीं आया, जिसके कारण फैसला लिया गया और कल 20 जनवरी को फिर से आंदोलन करने की रणनीति बनायी गई। कल पुन: हजारों की संख्या में भू विस्थापित सीजीएम कार्यालय का घेराव करेंगे।
