कोरबा। शहर के भीतर यातायात का दबाव बढ़ने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के अलावा दूसरे राज्यों के बीच चलने वाली बसों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। बसों के आवागमन से शहर के व्यस्ततम चौक-चौराहों पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। वहीं टीपीनगर स्थित पुराने बस स्टैंड में भी बसों की अधिकता के कारण अव्यवस्था और जाम की समस्या बनी रहती है।

इस स्थिति से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने शहर के आउटर क्षेत्र रिस्दी के आसपास नया बस स्टैंड विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया है। हालांकि कई महीनों बाद भी इसके लिए जमीन का चयन अंतिम नहीं हो सका है। रिस्दी क्षेत्र के आसपास उरगा–कटघोरा फोरलेन प्रस्तावित होने के कारण सर्वे कार्य अटका हुआ है। दूसरी ओर शहर के चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों में जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में बसों के कारण यातायात बार-बार बाधित हो रहा है।
सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड की योजना
शहर के हृदय स्थल टीपीनगर स्थित मौजूदा बस स्टैंड के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ चुकी हैं और अस्पताल भी स्थापित हो चुके हैं। बसों की संख्या बढ़ने से पार्किंग की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। भविष्य में पीएम ई-बसों के संचालन से यह समस्या और बढ़ सकती है।
आउटर बस स्टैंड से यह होंगे लाभ
टीपीनगर बस स्टैंड से कटघोरा, बिलासपुर, रायपुर, अंबिकापुर, उरगा, चांपा, रायगढ़ सहित यूपी, बिहार और ओडिशा के लिए बसों का संचालन होता है। आउटर में नया बस स्टैंड बनने से लंबी दूरी की बसें सीधे वहां से संचालित होंगी।
अब रिस्दी की ओर बढ़ रहा शहर का विस्तार शहर का दायरा अब कोसाबाड़ी से आगे बढ़कर रिस्दी, झगरहा और नकटीखार क्षेत्र तक फैल रहा है। आईटी और मेडिकल कॉलेज भी इसी क्षेत्र में विकसित हो रहे हैं। प्रस्तावित कटघोरा–चांपा फोरलेन भी इसी क्षेत्र से गुजरेगा। ऐसे में रिस्दी में बस स्टैंड बनने से क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी।
शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर बना रहे योजना महापौर संजू देवी राजपूत ने बताया कि रिस्दी क्षेत्र में प्रस्तावित नया बस स्टैंड शहर के भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी बेहतर होगी।
