कोरबा/परसदा(पाली)। प्रखर समाजसेवी,शिक्षाविद स्वर्गीय कार्तिक जायसवाल की स्मृति में परसदा स्कूल में ‘न्योता भोज’ का भव्य आयोजन; शिक्षा विभाग के आला अधिकारी रहे मौजूद परसदा/पाली:क्षेत्र के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता,एवं समर्पित शिक्षाविद स्वर्गीय श्री कार्तिक जायसवाल जी की पावन स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए आज एक अत्यंत गरिमामयी और सेवाभावी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वर्गीय कार्तिक जायसवाल जी के ज्येष्ठ सुपुत्र अंबिका जायसवाल उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ऊषा जायसवाल , सुपुत्र सुनील जायसवाल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वर्षा जायसवाल के सौजन्य से स्थानीय प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला परसदा में ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम का आयोजन रखा गया।

इस दौरान स्कूली बच्चों को अत्यंत स्नेह और आदर के साथ सुरुचिपूर्ण भोजन कराया गया।शिक्षा विभाग के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थितिइस न्योता भोज कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े कई उच्च अधिकारियों, संकुल समन्वयकों और वरिष्ठ शिक्षकों ने विशेष रूप से शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कुम्देश गोभिल (विकास खंड शिक्षा अधिकारी ), मनीराम मरकाम (सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी), रामगोपाल जायसवाल (विकासखंड स्रोत समन्वयक -),श्रीमती संध्या जायसवाल-सुपुत्री (सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी, कोटा) गणपत दास बंजारे (संकुल समन्वयक)शिक्षक समुदाय और ग्रामीणों की सहभागिता कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय शिक्षक संघ और ग्रामवासियों का भी भरपूर सहयोग रहा। आयोजन के दौरान शिक्षा क्षेत्र के शिक्षक भीष्म प्रसाद साहू, रेवती रमण, लक्ष्मी जायसवाल एवं सचिव संतोष राव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही, स्वर्गीय कार्तिक जायसवाल जी के परिवार के सदस्य नितांश जायसवाल, शांभवी जायसवाल, सार्थक जायसवाल, अंशु जायसवाल, वासु जायसवाल,चंचल जायसवाल,कीर्ति जायसवाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामवासी और गणमान्य नागरिक बच्चों का उत्साहवर्धन करने और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
अतिथियों ने की जायसवाल परिवार की सराहना…..
कार्यक्रम में उपस्थित विकास खंड शिक्षा अधिकारी कुम्देश गोभिल और अन्य अधिकारियों ने स्वर्गीय कार्तिक जायसवाल जी के समाज और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जायसवाल परिवार द्वारा बच्चों के लिए आयोजित यह ‘न्योता भोज’ समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। इस तरह के आयोजनों से न केवल बच्चों को पोषण और स्नेह मिलता है, बल्कि समाज में समरसता और सेवा की भावना भी सुदृढ़ होती है। भोजन के पश्चात जायसवाल परिवार ने उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों और ग्रामीणों का इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने के लिए आभार व्यक्त किया।
