जगदलपुर, एजेंसी। बस्तर में कभी बंदूक और हिंसा के साए में जीवन बिताने वाले 2 सरेंडर नक्सली जोड़ों ने समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की नई शुरुआत की। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जगदलपुर के पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में ये दोनों जोड़े समेत कुल 17 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंध गए।
नारायणपुर जिले में आत्मसमर्पण कर चुके दो पूर्व नक्सली दंपत्तियों ने भी सार्वजनिक रूप से अपने नए जीवन की शुरुआत की। इनमें पिलसाय सलाम-सिरबत्ती और पतिराम-मनाय कश्यप शामिल हैं। दोनों जोड़ों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर स्थाई गृहस्थ जीवन अपनाने का संकल्प लिया। इन दोनों जोड़े ने कहा कि संगठन में परिवार बढ़ाने की इजाजत नहीं थी। अब शादी के बाद परिवार भी बढ़ाएंगे।

बस्तर में शांति के नए दौर का संकेत
विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि, राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं। पूर्व नक्सलियों का सामाजिक जीवन में लौटना बस्तर में शांति और विकास के नए दौर का संकेत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
इस योजना के जरिए बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित किया जा रहा है और परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आज विवाह के बंधन में बंधे सभी 17 जोड़े एक मजबूत समाज और समृद्ध राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।
