कांकेर, एजेंसी। कांकेर जिले में एक तेंदुए का शावक घर के किचन में घुस गया था जिसे 8 घंटे के रेस्क्यू के बाद निकाल लिया गया है। 21 जून की सुबह 6 बजे दुधावा गांव में तेंदुआ वेद प्रकाश नेताम के घर में घुस गया था। वहां चाचा भतीजे मौजूद थे। तेंदुए ने वेद प्रकाश पर हमला भी किया।
मामला वन परिक्षेत्र सरोना का है। तेंदुआ घर के अंदर रह गया और घर वाले बाहर निकल आए। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। टीम ने पूरे घर में जाली लगाई। बाहर पिंजरा सेट किया और बाहर बैठकर शावक के निकलने का इंतजार करते रहे। इस दौरान गांव वालों की भीड़ इकट्ठे हो गई।
दोपहर देढ़ बजे माहौल शांत होने पर तेंदुआ खुद पिंजरे की तरफ आ गया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर शावक का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा जिसके बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

घर के किचन में बर्तनों के पीछे छिपा था तेंदुआ।
युवक बाहर निकला, तेंदुआ अंदर चला गया
बताया जा रहा है गांव की गलियों में घूमते हुए तेंदुआ वेद प्रकाश के निर्माणाधीन घर में घुसा था। तभी घर से निकल रहे वेद प्रकाश नेताम की तेंदुए से आमना-सामना हुआ। दोनों एक-दूसरे को देखकर अलग दिशाओं में भागे।
तेंदुआ घर के अंदर चला गया और वेद प्रकाश बाहर आ गए। तभी उन्हें याद आया कि उनका भतीजा डिकेश्वर नेताम अंदर सो रहा है। भतीजे को बचाने के लिए वापस जाने पर तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। घायल वेद को प्राथमिक उपचार के बाद रेबीज इंजेक्शन के लिए हायर सेंटर भेजा गया है।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद तेंदुए को जंगल में छोड़ा जाएगा।
जंगल में सुरक्षित छोड़ेंगे
वन विभाग के उप मण्डलाधिकारी चंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि कांकेर के रेस्ट हाउस में तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सुरक्षित वन्य क्षेत्र में छोड़ा जाएगा ताकि तेंदुआ जंगल में सुरक्षित रह सके।
एकमात्र रास्ता होने से पकड़ाया तेंदुआ
किचन में छुपा तेंदुआ पिछले 8 घंटे से घर के अंदर कैद था, वन विभाग ने घर के दरवाजे में पिंजरा लगाकर पूरे घर को जालियों से घेर रखा था। तेंदुआ को बाहर निकलने के लिए एकमात्र रास्ता पिंजरे की ओर नजर आने पर बाहर निकालने के लिए भागने लगा, जो पिंजरे के अंदर जाते ही पिंजरे का दरवाजा बंद हो गया और वह कैद हो गया।
पूरे घर में जाली गला दी गई थी।
मौके पर पुलिस अधिकारी और वन विभाग की टीम मौजूद है।
ग्रामीणों को मिली राहत
दुधावा समेत आसपास के इलाकों में तेंदुए ने आतंक मचा रखा है, पिछले 1 साल के अंदर अब तक लगभग 6 बच्चों के ऊपर हमला कर चुका है, जिसमें एक बच्चे का केवल कंकाल मात्र मिला था।
दुधावा क्षेत्र में ग्रामीणों ने चार तेंदुए होने की संभावना जताई थी, जिसमें से वन विभाग ने अब तक दो तेंदुए को पकड़ने में सफलता हासिल की है, इससे अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
दुधावा में बचे तेंदुए पर रहेगी पैनी नजर
वन विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि दुधावा के जंगल में बचे हुए तेंदुए पर विभाग की पैनी नजर रहेगी, ताकि आगे गांव में किसी तरीके का कोई अनहोनी घटना ना हो सके। हालांकि अब तक दो तेंदुए को विभाग ने पकड़ा लिया है, आगे बचे हुए दो तेंदुए को भी पकड़ने के लिए निगरानी करते हुए पूरा प्रयास किया जाएगा।
गांव में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, लोग तेंदुए के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे।
