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महासप्तमी पर माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा में श्रद्धा का सैलाब

कोरबा। ऊर्जाधनी कोरबा की आराध्य देवी माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में शनिवार महासप्तमी पर माँ कालरात्रि देवी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी का दर्शन करने एवं पूजा अर्चना करने अलसुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर से लेकर सड़क तक लोगों की लम्बी लाईन लगी रही और सभी भक्तगण शांतिपूर्वक अनुशासन से माँ का दर्शन करने अपनी पारी का इंतजार करते रहे। परिसर में प्रबंधन द्वारा शेड लगवाया गया है, जिसके कारण भक्तगणों को गर्मी का एहसास नहीं हुआ और लोग प्रसन्नचित और उल्लास के साथ लाईन में खड़े रहे। देर शाम समाचार लिखे जाने तक श्रद्धा का सैलाब माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा करने उमड़ पड़ा था। जितने भक्त लाईन में खड़े थे, उससे अधिक परिसर में देखे गए और भोग प्रसाद ग्रहण कर तृप्त हुए। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा का पूरा प्रांगण स्वर्ग का एहसास दिलाता है। माँ की पूजा करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है।
माँ को छप्पन भोग अर्पण

सप्तमी को माँ श्री सर्वमंगला देवी को छप्पन भोग अर्पण किया गया। सप्तमी माँ कालरात्रि देवी का दिन होता है और इस दिन माँ श्री सर्वमंगला देवी का पूजन माँ कालरात्रि के रूप में किया गया। माँ कालरात्रि को गुड़, फल अतिप्रिय हैं, इसलिए पंडितों द्वारा माँ श्री सर्वमंगला देवी को छप्पन भोग में गुड़ और फल शामिल कर अर्पण किया गया।
राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया कि माँ कालरात्रि देवी की पूजा एवं उपासना से विजय की प्राप्ति होती है और भक्तों ने किसी भी काम में सफलता और विजय प्राप्ति के लिए माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा की।
12000 ज्योति कलशों से जगमग माँ श्री सर्वमंगला देवी का दरबार

शुभं करोति कल्याणं आरोग्यम गुण: सम्पदाम्।
दुष्ट बुद्धि विनाशाय दीप ज्योति नमोस्तुते।।

कोरबा की आराध्य देवी माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के दरबार में शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन ज्योति कलशों को प्रज्ज्वलित किया गया। विद्वान आचार्यों एवं पंडितों के सानिध्य में मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) सपत्नीक शुभ मुहूर्त में ज्योति कलशों को प्रज्ज्वलित किया। लगभग 12000 मनोकामना ज्योति कलशों की दिव्य रोशनी से परिसर जगमग हो उठा।
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया कि रविवार 11 अक्टूबर क्वांर शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत् 2083 के शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की गई और उसके बाद शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन माँ शैलपुत्री देवी की पूजा अर्चना की गई। नमन पाण्डेय सहित उपस्थित पंडितों एवं आचार्यों ने माँ की पूजा अर्चना कर भक्तों, कोरबा, छत्तीसगढ़ सहित सार्वभौम के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति के लिए माँ से आशीर्वाद मांगा।


12000 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित

नमन पाण्डेय ने बताया कि इस शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन भक्तों के 12000 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए। वेदी पूजन किया गया और माँ सर्वमंगला का पूजन कर विश्व कल्याण के लिए माँ से आशीर्वाद मांगा गया।
श्री पाण्डेय ने बताया कि करीब 10900 तेल मनोकामना ज्योति कलश एवं लगभग 1100 घी ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए।
माता के जयकारों से परिसर भक्तिमय
ज्योति कलशों की लालिमा और माता के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया है। हसदेव नदी के पावन तट पर विराजमान आदिशक्ति जगत जननी माँ श्री सर्वमंगला देवी का दर्शन करने दूर दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
अदभूत सजावट से मंदिर का दिव्य दृश्य

पुलिस प्रशासन की शांतिपूर्ण सख्त सुरक्षा व्यवस्था

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में नवरात्रि का पर्व आते ही श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी होती है, इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से सख्त सुरक्षा व्यवस्था रहती है। कुसमुंडा थाना और सर्वमंगला पुलिस चौकी के जवान परिसर में तैनात रहते हैं। सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी टीम के साथ सुबह से परिसर में मार्च करते देखे गए।
मनोकामना ज्योति कलशों के प्रकाशपूंज से सात्विक गुणों का वास

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया कि घर, मंदिर एवं अन्य देव स्थानों में दीप प्रज्ज्वलित करने से मन में सात्विक गुणों का संचार होता है। बुद्धि की दुर्बलता नष्ट होती है और सद्बुद्धि का विस्तार होता है। मनोकामना ज्योति कलशों के प्रज्ज्वलन से क्षेत्र में सत्व का संचार होता है, पर्यावरण शुद्ध होता है और सभी देवी-देवताओं का आह्वान से पूजा स्थल पहुंचकर हमें आशीर्वाद प्रदान करते हैं। मैं समस्त श्रद्धालुओं, धर्म प्रेमियों और भक्तों की ओर से सभी दीप ज्योतियों का नमन करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि सभी के मन में देवगुणों का वास हो और सभी के मस्तिष्क में सद्बुद्धि, सुविचार और मानवीय गुणों अद्भूत संचार हो। घर की कलह दूर हो और सबके घरों में माँ लक्ष्मी और समृद्धि का वास हो।
महाआरती से सत्व का प्रकाशपूंज

रोज सुबह एवं संध्या 07.00 बजे माँ की महाआरती की जाती है। माँ की आरती करने से मन में तामसिक प्रवृत्ति का नाश होता है और माँ के प्रति श्रद्धा का भाव जागृत होता है। आरती से बच्चों में संस्कार पनपता है और बुद्धि में श्रेष्ठता आती है। महाआरती से परिसर सहित चारों तरफ सत्व का प्रकाशपूंज फैलता है और वातावरण में विशुद्धता आती है।
पहले माँ को भोग फिर रोजाना कन्याओं को भोजन और उसके बाद भोग भंडारा होता है प्रारंभ

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में रोजाना दोपहर 12.00 बजे से मंदिर प्रबंधन द्वारा भोग भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रोजाना सैकड़ों-हजारों लोग भोग प्रसाद ग्रहण कर तृप्त हो रहे हैं। सबसे पहले माता रानी को छप्पन भोग अर्पण किया जाता है, उसके बाद रोजाना दर्शन करने पहुंचे दम्पत्तियों की कन्याओं को ससम्मान उपहार देकर भोजन कराया जाता है और उसके बाद आम लोगों के लिए भण्डारा प्रारंभ किया जाता है। मंदिर प्रबंधन के अलावा कई समाजसेवी एवं संस्थाएं परिसर में भंडारे का आयोजन कर रहे हैं।

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