DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

महतारी वंदन योजना ने आसान किया घरेलू खर्च का प्रबंधन, कलेश्वरी को मिला आर्थिक संबल

डीबीटी से खाते में पहुंच रही सहायता राशि, कलेश्वरी के परिवार की आर्थिक स्थिति में आया सुधार
कोरबा 03अक्टूबर 2026। घर की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में जब महिला के हाथ में अपनी नियमित आर्थिक सहायता हो, तो परिवार की आर्थिक व्यवस्था को संभालने का भरोसा भी बढ़ता है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली मासिक सहायता ने महिलाओं को अपनी घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया है। इस नियमित सहायता से महिलाओं को घर के खर्च को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने और आवश्यकताओं को पूरा करने में सुविधा मिल रही है।
कोरबा विकासखंड के ग्राम गढ़ उपरोड़ा की रहने वाली श्रीमती कलेश्वरी के लिए भी महतारी वंदन योजना की मासिक सहायता घर की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग बन रही है। योजना का लाभ मिलने से पहले घरेलू खर्चों को सीमित आर्थिक संसाधनों में ही संतुलित करना पड़ता था। आवश्यक सामान और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उपलब्ध आय के अनुसार खर्च की व्यवस्था करनी होती थी।
महतारी वंदन योजना के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा कलेश्वरी का फॉर्म भरवाया गया। योजना का लाभ स्वीकृत होने के बाद अब उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हर माह एक हजार रुपये की राशि पहुंच रही है। कलेश्वरी इस राशि का उपयोग घर की आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से घरेलू खर्च को संभालने में उन्हें सुविधा हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
कलेश्वरी अपने अनुभव बताते हुए कहती हैं, “आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने मेरा महतारी वंदन योजना का फॉर्म भरवाया। अब हर महीने एक हजार रुपये सीधे खाते में आते हैं। इस राशि से घर की जरूरी चीजें लेने में मदद मिलती है। नियमित रूप से सहायता मिलने से घर का खर्च संभालना पहले की तुलना में आसान हुआ है।”
कलेश्वरी ने महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “महतारी वंदन योजना से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहारा मिल रहा है। इस राशि से घर की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  को इस योजना के लिए धन्यवाद देती हूं।”

Exit mobile version