नई दिल्ली,एजेंसी। भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने दावा किया, ‘देश छोड़ने से पहले वो तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले और उनसे कहा कि वो एक बैठक के लिए जेनेवा जा रहा हैं और वापस आएंगे। लेकिन उनका पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया, जिसके कारण वो वापस नहीं आ पाए।’
माल्या ने खुद को चोर कहे जाने पर कहा कि मुझे भगोड़ा कह रहे हैं, लेकिन मैं भागा नहीं। मैं तय कार्यक्रम के तहत विदेश गया और वापस नहीं आया, क्योंकि मेरे पास सही वजहें थीं। लेकिन मुझे ‘चोर’ क्यों कहा जा रहा है? चोरी कहां हुई?”
वहीं, उन्होंने किंगफिशर एयरलाइंस की नाकामी पर पहली बार सार्वजनिक माफी मांगी है। उन्होंने कहा, ‘मैं किंगफिशर एयरलाइंस की विफलता के लिए सभी से माफी मांगता हूं।’ माल्या ने यह बयान बिजनेसमैन राज शमानी के साथ पॉडकास्ट में दिए हैं। जो कि शुक्रवार को रिलीज किया गया है। ये पॉडकास्ट 4 घंटे लंबा है।
कारोबारी और पूर्व सांसद विजय माल्या किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच 2016 में भारत से UK भाग गए थे। 5 जनवरी 2019 में विजय माल्या को भगोड़ा घोषित किया गया।

