जांजगीर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नवागढ़ में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। छात्रों को जारी की गई अंकसूचियों और माइग्रेशन प्रमाण पत्रों में अनधिकृत या गलत सील लगाने की शिकायत कलेक्टर जन्मेजय महोबे हुई है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित व्याख्याता के विरुद्ध विभागीय जांच की अनुशंसा की है।
मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवागढ़ में पदस्थ व्याख्याता ममता शुक्ला से जुड़ा है। उन पर विद्यार्थियों को जारी किए गए माइग्रेशन प्रमाण पत्रों और अंकसूचियों में अनधिकृत तरीके से सील लगाने का आरोप लगा है। कलेक्टर द्वारा की गई प्राथमिक जांच में इस लापरवाही की पुष्टि होने पर उन्होंने संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र भेजकर उनके विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित करने और आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए जिन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, उनमें माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अंकसूची सबसे अहम होते हैं।
इन दस्तावेज में किसी प्रकार की त्रुटि या अनधिकृत प्रमाणिकता विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। इस संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई की। कलेक्टर महोबे ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन और पारदर्शिता अनिवार्य है। छात्रों के दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए।
राजकुमार को बनाया प्रभारी प्राचार्य प्रभारी प्राचार्य अमित मेसी को उनके मूल विद्यालय शासकीय हाईस्कूल सिंउड़ में वापस भेज दिया है, क्योंकि वहां अंग्रेजी विषय के शिक्षक की आवश्यकता है। उनके स्थान पर जिला मिशन समन्वयक राजकुमार तिवारी को नवागढ़ स्कूल का नया प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
