DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

MBBS पीजी एडमिशन में गड़बड़ी…काउंसलिंग पर रोक:हाईकोर्ट बोला-समान परिस्थिति वाले सभी छात्रों पर आदेश लागू, नियमों को दरकिनार कर प्रवेश देने पर सुनवाई

बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में MBBS पीजी एडमिशन में गड़बड़ियों को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने एडमिशन के लिए होने वाली काउंसलिंग पर रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि यह आदेश केवल व्यक्तियों पर ही लागू नहीं होगा, बल्कि समान परिस्थितियों वाले सभी सभी छात्रों पर लागू होगा। साथ ही महाधिवक्ता को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित अधिकारियों को इस आदेश की जानकारी दें। अब मामले की सुनवाई 25 फरवरी को होगी।

हाईकोर्ट ने MBBS पीजी एडमिशन में गड़बड़ियों को लेकर काउंसलिंग पर रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट ने MBBS पीजी एडमिशन में गड़बड़ियों को लेकर काउंसलिंग पर रोक लगा दी है।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, एडमिशन की प्रक्रिया में 3 साल की सेवा पूरी करने के नियमों को दरकिनार कर दिया गया है, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी राजशेखर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

अयोग्य उम्मीदवारों को भी पात्र मान लिया गया

याचिका में बताया गया है कि मेडिकल पीजी में प्रवेश के लिए होने वाली काउंसिलिंग के दौरान अपात्र उम्मीदवारों को गलत तरीके से सेवारत श्रेणी का लाभ दिया गया। अधिकारियों ने सेवा अवधि की गणना कटऑफ तारीख से आगे बढ़ा दी है, जिससे अयोग्य उम्मीदवारों को भी पात्र मान लिया गया है।

हाईकोर्ट निर्देश दिया कि यह आदेश केवल व्यक्तियों पर ही लागू नहीं होगा, बल्कि समान परिस्थितियों वाले सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा।

विभाग के अफसरों ने आपत्ति को किया नजरअंदाज

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने गड़बड़ी की शिकायत विभाग के अफसरों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिम्मेदार अधिकारियों ने एक निजी उम्मीदवार को सेवारत श्रेणी में प्रमाणित किया है।जांच में पता चला कि सेवा अवधि की गणना 31 जनवरी 2024 के बाद तक बढ़ा दी गई।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि अगर कटऑफ तारीख का पालन किया जाता, तो वह उम्मीदवार पात्र नहीं होता। याचिका में कहा गया है कि इस तरह की गड़बड़ियों से योग्य और अनुभवी चिकित्सक पीजी में एडमिशन से वंचित हो गए हैं।

महाधिवक्ता ने मानी गड़बड़ी, हाईकोर्ट ने काउंसिलिंग पर लगाई रोक

मामले की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने भी माना कि शिकायत सही लग रही है। हाईकोर्ट ने पाया कि निजी उम्मीदवार को कटऑफ तारीख के बाद सीट आवंटित की गई। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने काउंसिलिंग पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।

Exit mobile version