कहा-सोमवार से शुरू होगी नई भर्ती, अल्टीमेटम के बाद काम पर लौटने लगे NHM कर्मचारी
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में नियमितीकरण समेत 10 मांगों को लेकर NHM संविदा कर्मचारी एक महीने से हड़ताल पर हैं। सरकार ने 16 सितंबर तक सभी कर्मचारियों को काम पर लौटने का फाइनल अल्टीमेटम दिया था। लेकिन कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखी।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि शुक्रवार शाम 5 बजे तक कर्मचारी अपनी स्ट्राइक खत्म करें। नहीं तो सभी को बर्खास्त कर दिया जाएगा। एक दो दिन में नई भर्ती शुरू कर दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि कर्मियों की मांग पर कमेटी बन चुकी है।
जायसवाल ने कहा कि हमने आश्वासन दिया है कि एक उपसमिति भी बनाई जाएगी। जिसमें NHM कर्मियों के लीडर्स को शामिल किया जाएगा। उनसे सुझाव लिए जाएंगे।
सरकार के अल्टीमेटम के बाद रायपुर के 1,475 NHM कर्मी आज रिज्वॉइन करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेड पे और अनुकंपा नियुक्ति पर सरकार ने 3 महीने का वक्त मांगा है। 3 महीने में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी तो फिर स्ट्राइक करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि मांगों को लेकर कमेटी बनाई गई है। सभी कर्मचारी काम पर लौटें।
सरगुजा में 430 कर्मचारी काम पर लौटे
सरगुजा में 430 कर्मचारियों ने आज शाम पांच बजे तक ड्यूटी ज्वाइन कर लिया है। 118 आंदोलनकारी सीएचओ संघ के हैं, जिन्होंने फिलहाल ज्वॉइन नहीं किया है। सीएचओ संघ का कहना है कि वे प्रदेश संघ से चर्चा के बाद आज ही ज्वाइन कर लेंगे।
सरगुजा में कुल 548 कर्मचारियों को हड़ताल में जाने के कारण बर्खास्त करने का नोटिस दिया गया था। सीएमएचओ पीएस मार्को ने बताया कि अधिकांश कर्मी ड्यूटी में आ गए हैं।
इसके अलावा बलरामपुर जिले में सभी 401 कर्मियों ने आज शाम ड्यूटी ज्वॉइन कर लिया है। बलरामपुर सीएमएचओ डॉ. बसंत सिंह ने कहा कि सभी कर्मी काम पर लौट आए हैं। किसी को बर्खास्त नहीं किया जा रहा है।
रायपुर में किया था जेल भरो आंदोलन
इससे पहले बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर 3 संभाग के 10 हजार कर्मचारियों ने गुरुवार को नया रायपुर में जेल भरो आंदोलन किया था। प्रशासन ने राजेश्वर मैदान को लगभग डेढ़ घंटे तक एक प्रतीकात्मक जेल के तौर पर बदल दिया था। डेढ़ घंटे तक इस प्रतीकात्मक जेल में यह कर्मचारी बंद रहे। इसके बाद हर कर्मचारी का नाम और हस्ताक्षर लिए गए और उन्हें छोड़ दिया गया।
NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल का आज 33वां दिन है। इधर सरकार ने एक्शन लेते हुए 17 सितंबर को सूरजपुर जिले में 594 कर्मचारियों की सेवा खत्म कर दी है। इससे पहले यानी 16 सितंबर को बलौदाबाजार और कोरबा में 200 कर्मचारी को नौकरी से निकाला दिया गया। बलौदाबाजार के 160 और कोरबा के लगभग 21 कर्मचारियों को एक मुश्त नौकरी से निकाला गया था।
बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर 3 संभाग के 10 हजार कर्मचारी तूता धरना स्थल पहुंचे।
गुरुवार को रायपुर पहुंचे कर्मचारियों ने जेल भरो आंदोलन किया था।
हर कर्मचारी का नाम और हस्ताक्षर लिए गए और उन्हें छोड़ दिया गया।

