कोरबा। कोरबा के करतला थाना क्षेत्र के ग्राम तराईमारडीह में जंगली हाथियों की सूचना देकर ग्रामीणों को सतर्क करने पहुंचे वन अधिकारी के साथ अभद्रता और धमकी का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक शिक्षक के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिसर वन अधिकारी हरिनारायण बंजारे ने करतला थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम संवेदनशील गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही थी। इसी दौरान ग्राम तराईमारडीह पहुंचने पर गांव निवासी पतिराम राठिया, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक है, ने उन्हें रोक लिया।
हस्ताक्षर का दबाव, मना करने पर अभद्रता का आरोप
शिकायत के अनुसार आरोपी ने वन अधिकार पत्र के आवेदन पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। वन अधिकारी के मना करने पर उसने सार्वजनिक रूप से अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक टिप्पणी की और वाहन से नीचे उतरने के लिए कहा। आरोप है कि उसने मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ।
कई कर्मचारी थे मौके पर मौजूद
घटना के समय वनरक्षक अशोक कुमार यादव, वाहन चालक महत्तम सिंह कंवर, सुरक्षा श्रमिक खगेश्वर प्रसाद और परिसर वन अधिकारी सर्रोराम बंजारे भी मौके पर मौजूद थे। शिकायतकर्ता ने पूरी घटना का मोबाइल वीडियो पुलिस को सौंपा है। आसपास मौजूद ग्रामीण भी घटना के प्रत्यक्षदर्शी बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
वन अधिकारी ने शिकायत में एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की मांग की थी। फिलहाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बोले अधिकारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) नीतिश ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
