कोरबा/पाली। जापान में आयोजित एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर पाली ब्लॉक के ग्राम केराकछार की बेटी संजू देवी यादव ने देश और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि पर पाली के शिव मंदिर चौक में आयोजित अभिनंदन समारोह में खेल जगत, सामाजिक क्षेत्र और विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े लोगों की सीमित मौजूदगी अब चर्चा का विषय बन गई है। खेलप्रेमियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने वाली खिलाड़ी का सम्मान क्या राजनीतिक मंच की पहचान तक सीमित रहना चाहिए।
अभिनंदन समारोह का आयोजन गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम के नेतृत्व में किया गया। समारोह में मौजूद लोगों ने संजू देवी की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव बताया। वहीं, अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ जनप्रतिनिधियों, खेल संघों के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं शुरू हो गईं। खेलप्रेमियों का कहना है कि खिलाड़ी मैदान में किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधित्व नहीं करता। वह अपने प्रदर्शन से क्षेत्र, राज्य और देश का नाम रोशन करता है। ऐसे में उसके सम्मान का मंच भी व्यापक और सर्वसमावेशी होना चाहिए। उनका मानना है कि सम्मान समारोह में राजनीतिक पहचान से अधिक खिलाड़ी की उपलब्धि केंद्र में रहनी चाहिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि ऐसे आयोजनों में सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, खेल संघ, खिलाड़ी, सामाजिक संगठन और खेलप्रेमी एक साथ शामिल हों तो इससे खिलाड़ी का मनोबल बढ़ेगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। संजू देवी की सफलता को लेकर क्षेत्र में उत्साह है और इसे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। खेल जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि केवल सम्मान तक सीमित रहने के बजाय क्षेत्र में नियमित खेल प्रतियोगिताओं, प्रतिभा खोज, प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम होना चाहिए। संजू देवी की उपलब्धि पाली क्षेत्र की अन्य प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है। स्थानीय खेलप्रेमियों ने अपेक्षा जताई कि भविष्य में संजू देवी का व्यापक स्तर पर ऐसा सम्मान समारोह आयोजित हो, जिसमें सभी दलों के जनप्रतिनिधि, खेल संघ, खिलाड़ी, सामाजिक संगठन और आम खेलप्रेमी समान रूप से शामिल हों। उनका कहना है कि खिलाड़ी का सम्मान किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि है।
दुर्भाग्य: देश की गौरव, कोरबा की शान संजूदेवी का सम्मान राजनीतिक मंच तक सीमित
