DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

भारत बंद का छत्तीसगढ़ में मिला-जुला असर:रायगढ़-कोरबा में खदानें बंद, कोयला परिवहन ठप, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित कई जिलों में दुकानें खुली रहीं

रायपुर,एजेंसी। केंद्र सरकार के चार नए लेबर लॉ के खिलाफ देशभर में श्रमिक संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में बंद का असर मिला-जुला रहा। रायपुर, बिलासपुर और अन्य शहरों में चैंबर ऑफ कॉमर्स का समर्थन नहीं मिलने के कारण दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप, स्कूल और कॉलेज सामान्य रूप से खुले रहे।

रायगढ़ जिले में ट्रेड यूनियन के सदस्य छाल कोल खदान के पास प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे जिले की चार कोयला खदानें बंद हैं और कोयला परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है। यूनियन नेताओं का कहना है कि नए कानून से मजदूरों के अधिकार कम होंगे। भिलाई स्टील प्लांट के मेन गेट के बाहर भी ट्रेड यूनियन के सदस्य विरोध प्रदर्शन किया।

मनेन्द्रगढ़ की हल्दीबाड़ी कोयला खदान में हड़ताल के चलते काम प्रभावित हुआ। एच.एम.एस., एटक, इंटक और सीटू सहित कई संगठनों ने इसे समर्थन देते हुए चार लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग की।

वहीं, कोरबा की दीपका, कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों में एक दिवसीय प्रदर्शन से काम प्रभावित हुआ, जिसमें कांग्रेस नेताओं ने भी श्रमिकों के समर्थन में हिस्सा लिया।

कोरबा में भी छत्तीसगढ़ किसान सभा के बैनर तले प्रदर्शन किया गया।

भिलाई स्टील प्लांट के मेन गेट के बाहर नए लेबर लॉ के खिलाफ प्रदर्शन।

जांजगीर-चांपा में बंद का असर नहीं, ट्रेड यूनियन ने ज्ञापन सौंपा

जांजगीर-चांपा में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस की रैली SDM कार्यालय तक निकाली गई और कर्मचारियों ने अपने Forderings का ज्ञापन सौंपा। जिले में बंद का असर नहीं दिखा, सभी दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं।

वहीं, केंद्रीय ट्रेड एवं स्वतंत्र कर्मचारी फेडरेशन के संयुक्त मंच के आवाहन पर 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हड़ताल के तहत प्रकाश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड परिसर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।

रायपुर में बंद बेअसर, दुकानें खुली

रायपुर में ट्रेड ऑफ कॉमर्स और अन्य व्यापारिक संगठनों का समर्थन नहीं मिलने से हड़ताल बेअसर दिखा।

रायपुर में मालवीय रोड, एमजी रोड, सदर बाजार, पंडरी कपड़ा मार्केट, लाखे नगर जैसे बड़े मार्केट में दुकान खुली हुईं है। ग्राहक रोजमर्रा की तरह खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। इसके अलावा शहर में सड़कों पर भी ट्रैफिक सामान्य बना हुआ है।

कोरबा में कोयला खदान बंद कराने पहुंचे

  • कोरबा में कोयला उद्योग की एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में श्रमिक नेताओं के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी खदानों में पहुंचे।
  • दीपका, कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों में मजदूरों ने हड़ताल का समर्थन किया।
  • कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल समर्थन नहीं, बल्कि श्रमिक सम्मान और अधिकारों की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
  • हड़ताल को लेकर जनप्रतिनिधियों और मजदूरों का एक मंच पर खड़े होना श्रमिक हितों की रक्षा की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है।
  • मनेन्द्रगढ़ में श्रमिकों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
  • मनेन्द्रगढ़ में संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठनों की देशव्यापी हड़ताल का असर दिखा। हल्दीबाड़ी भूमिगत कोयला खदान के बाहर मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे काम प्रभावित हुआ।
  • एच.एम.एस., एटक, इंटक और सीटू सहित दस से अधिक संगठनों ने इस हड़ताल का समर्थन किया और केंद्र सरकार के चार लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग की।
  • मजदूरों का कहना है कि ये कानून उनकी सुरक्षा, रोजगार और सुविधाओं पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
  • एच.एम.एस. के महामंत्री सुनील पांडेय ने बताया कि ये कोड 2019-20 में बनाए गए और 2025 से लागू किए गए, जिन्हें 2026 में पूरी तरह लागू किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन्हें वापस नहीं लेती, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
  • बिलासपुर में हड़ताल का खास असर नहीं
  • ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का बिलासपुर में खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। हालांकि इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस के पदाधिकारियों ने नेहरू चौक पर विरोध-प्रदर्शन करने का एलान किया है।
  • बंद को व्यापारिक संगठनों का समर्थन नहीं मिला है। यही वजह है कि सुबह से शहर की ज्यादातर दुकानें खुली हुई हैं। गोल बाजार, सदर बाजार और बुधवारी सहित अन्य प्रमुख बाजारों में रोज की तरह कारोबार जारी है।
  • पेट्रोल पंप, स्कूल-कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी हड़ताल का असर नहीं दिख रहा है। हड़ताल को कांग्रेस ने समर्थन दिया है।
  • भिलाई स्टील प्लांट के बाहर प्रदर्शन
  • भिलाई स्टील प्लांट के बाहर भी नए लेबर लॉ के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। ट्रेड यूनियन लीडर और सदस्य बीएसपी के मेन गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। नारेबाजी कर रहे हैं।

Exit mobile version