नई दिल्ली,एजेंसी।पीएम नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की ऑटोबायोग्राफी ‘आई एम जॉर्जिया – माय रूट्स, माय प्रिंसिपल्स’ के इंडियन एडिशन के लिए फॉरवर्ड (प्रस्तावना) लिखा है।
इस किताब को जल्द ही भारत में रूपा पब्लिकेशंस लॉन्च करेगा। मोदी ने मेलोनी को एक ‘देशभक्त और बेहतरीन समकालीन’ नेता’ बताते हुए तारीफ की। साथ ही उनकी निजी और राजनीतिक यात्रा को भारत के लोगों के लिए प्रेरणादायक बताया।
मोदी ने अपने रेडियो शो ‘मन की बात’ का जिक्र करते हुए इस किताब को मेलोनी की ‘मन की बात’ जैसा बताया। मोदी ने लिखा कि उनके लिए यह ‘बहुत बड़ा सम्मान’ है कि वे इस किताब की प्रस्तावना लिख रहे हैं और वे यह काम मेलोनी के प्रति ‘सम्मान, प्रशंसा और दोस्ती’ की भावना के साथ कर रहे हैं।

जॉर्जिया मेलोनी की ऑटोबायोग्राफी 2021 में इतालवी भाषा में आई थी।
मोदी ने दुनिया के नेताओं से जुड़े अपने अनुभव लिखे
अपने प्रस्तावना में मोदी ने अपने 11 साल के कार्यकाल में दुनिया के कई नेताओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मेलोनी का जीवन स्थिरता और जड़ों से जुड़े रहने के महत्व को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, ‘किसी की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करते हुए दुनिया के साथ समान स्तर पर बातचीत करना हमारे मूल्यों से मेल खाता है।’
मेलोनी कई बार मोदी को अपना अच्छा दोस्त बता चुकी हैं।
पहली बार 2021 में इटली में प्रकाशित हुई
मेलोनी की आत्मकथा पहली बार इटली में 2021 में Rizzoli पब्लिशिंग ने प्रकाशित की था। इसका इटालियन संस्करण ‘Io Sono Giorgia’ के नाम से जारी किया गया था।
यह किताब प्रकाशन के पहले साल में ही 1,50,000 कॉपी बिक चुकी थीं। यह देश में टॉप सेलर रही। इसका अंग्रेजी संस्करण 17 जून 2025 को लॉन्च हुआ था। इसकी प्रस्तावना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर ने लिखी। यह किताब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेस्टसेलर बन गया है।
मेलोनी की किताब इतावली के अलावा फ्रेंच, स्पैनिश, अंग्रेजी, जर्मन, पुर्तगाली भाषा में भी उपलब्ध है।
मेलोनी के बचपन के संघर्षों से लेकर PM बनने की कहानी
- मूल रूप से इटली में प्रकाशित यह आत्मकथा मेलोनी के निजी और राजनीतिक जीवन के बारे में बताया गया है। इसमें उन्होंने अपने बचपन, रोम के गारबटेला मोहल्ले, अपनी मां अन्ना, बहन अरियाना, और दादा-दादी मारिया और जियानी के बारे में बताया है।
- साथ ही,पिता को खोने के दर्द को भी बयां किया है। किताब में उनकी किशोरावस्था में शुरू हुई राजनीति के प्रति रुचि, मंत्रालयी पद, फ्राटेली डी’इटालिया और यूरोपियन कंजरवेटिव्स की लीडरशिप, और आखिर में इटली की पीएम पद तक पहुंचने की कहानी है।
- किताब में मेलोनी अपनी बचपन की कठिनाइयों (जैसे पिता का घर छोड़ना, स्कूल में मिली धमकियां), राजनीतिक यात्रा का जिक्र करती हैं।
- मेलोनी के पिता ने जब वह दो साल की थीं, परिवार को छोड़ दिया और बाद में नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल पाए गए। उनकी मां ने अकेले ही उन्हें और उनकी बहन को पाला-पोसा।
- मेलोनी और उनकी बहन ने बचपन में एक खिलौने का घर बनाया और उसमें मोमबत्ती जलायी, जिससे आग लग गई और उनका घर जलकर राख हो गया।
- मेलोनी लगभग 15 साल की उम्र में, राजनीतिक पार्टी MSI पार्टी के स्टूडेंट विंग से जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने 2012 में फ्राटेली डी’इटालिया पार्टी की स्थापना की, जो अब इटली की सत्ताधारी पार्टी है।
जॉर्जिया मेलोनी अपनी बेटी और पूर्व पति एंड्रिया गियाम्ब्रुनो के साथ। दोनों 2023 में अलग हो गए थे।
