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सूदखोर वीरेंद्र तोमर 5 दिन की पुलिस रिमांड पर:जुलूस में हो गया था बेहोश, पत्नी बोली थी-मार डालो, कर्जदारों से छीनते थे जमीन, मकान

रायपुर,एजेंसी। रायपुर पुलिस ने सोमवार को सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तोमर को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। 14 नवंबर को तोमार की रिमांड खत्म होगी। रायपुर पुलिस ने 5 महीने बाद MP के ग्वालियर से गिरफ्तार किया था।

रायपुर पुलिस ने कोर्ट में पेश करने से पहले रविवार को वीरेंद्र तोमर का जुलूस निकाला। इस दौरान वीरेंद्र तोमर लंगड़ाते हुए चल रहा था। बनियान फटी हुई थी। कुछ देर बाद वह चलते-चलते रोड पर बेहोश हो गया था। इस दौरान तोमर की पत्नी ने गुस्से में पुलिस से कहा था कि मेरे पति को मार डालो।

वहीं इससे पहले ACCU कार्यालय में वीरेंद्र तोमर से पूछताछ की गई। वीरेंद्र का भाई रोहित तोमर अभी भी फरार है। एक टीम रोहित तोमर की तलाश में जुटी है। दोनों भाइयों पर रायपुर के कई थानों में 16 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें चाकूबाजी, मारपीट, हत्या का प्रयास, धमकी, धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे मामले शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने रायपुर में ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के केस में हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जबकि दोनों की पत्नियां और भतीजे को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का जुलूस निकाला। इस दौरान वीरेंद्र तोमर बेहोश हो गया।

पुलिस ने वीरेंद्र सिंह का जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी लंगड़ाता हुआ दिखाई दिया।

हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह तोमर को रायपुर लेकर आई टीम।

सूदखोर वीरेंद्र सिंह तोमर 5 महीने से फरार चल रहा था।

सूदखोर वीरेंद्र सिंह तोमर 5 महीने से फरार चल रहा था।

पुरानी बस्ती थाने पहुंचे वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह के परिवार वाले।

जानिए कौन है वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर

वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर रायपुर का आदतन अपराधी है। आरोप के अनुसार अपने छोटे भाई रोहित तोमर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सूदखोरी का काम करता है। आरोपी कर्जदारों से मूलधन से ज्यादा ब्याज वसूलते और पैसे नहीं देने पर मारपीट करते।

वीरेंद्र सिंह तोमर पर पहला मामला 2006 में दर्ज हुआ था। पुलिस ने इसे आदतन अपराधियों की लिस्ट में डाला है। वीरेंद्र के खिलाफ 6 से ज्यादा अलग-अलग थानों में केस दर्ज है। इनमें मारपीट, उगाही, चाकूबाजी, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट के केस शामिल है।

छापेमारी के दौरान करोड़ों के कैश और सोने-चांदी के गहने बरामद हुए थे।

अब जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, करीब 5 महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने वीरेंद्र के भाई रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाकर तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज कराई थी। FIR के बाद से रोहित तोमर फरार हो गया। रोहित के फरार होने के बाद उसका भाई वीरेंद्र तोमर भी गायब हो गया था।

पुलिस ने वीरेंद्र सिंह तोमर के घर की तलाशी ली तो उसके घर में अवैध हथियार पुलिस को मिला था। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह के ऊपर आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी।

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