कोरबा। कटघोरा वन मण्डल के हरदी बाजार क्षेत्र में पिछले करीब चार – पांच दिनों से एक जंगली बंदर के लगातार उत्पात से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ था, स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर राह चलते लोगों, बच्चों और बड़ों को दौड़ाने के साथ उन्हें काटने की कोशिश कर रहा था, इस दौरान क्षेत्र में करीब 4 लोगों को बंदर द्वारा काटे जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद लोगों में डर और बढ़ गया था।
बंदर के लगातार आक्रामक व्यवहार को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिस पर वनमण्डलाधिकारी कटघोरा जितेंद्र कुमार उपाध्याय के निर्देशानुसार उप वनमण्डलाधिकारी हितेश ठाकुर के मार्गदर्शन एवं पाली वन परिक्षेत्र अधिकारी भोगेश्वर बंजारे के नेतृत्व में नोवा नेचर संस्था के जितेंद्र सारथी की टीम के सदस्य बबलू, राकेश एवं कमल मौके स्थल पर पहुंचे।
रेस्क्यू के दौरान बंदर अचानक एक कमरे में प्रवेश कर गया, इसी मौके का फायदा उठाते हुए वन विभाग एवं नोवा नेचर की टीम ने पूरी सावधानी और निर्धारित रेस्क्यू प्रक्रिया का पालन करते हुए बंदर को सफलतापूर्वक जाल से पकड़ कर पिंजड़े में रखा गया फिर उसे प्राकृतिक रहवास जंगल में जाकर छोड़ दिया गया।
बंदर के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली, रेस्क्यू टीम का कहना है कि वन्यजीवों के रिहायशी क्षेत्रों में आने पर उन्हें नुकसान पहुंचाने या मारने के बजाय वन विभाग को तत्काल सूचना देकर सुरक्षित रेस्क्यू कराना चाहिए।
वन्यजीवों का मानव बस्तियों में पहुंचना कई बार भोजन, पानी, आवास क्षेत्र में बदलाव अथवा अन्य कारणों से हो सकता है,ऐसे मामलों में भीड़ लगाना, बंदर को छेड़ना या उसे पकड़ने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है।
इस रेस्क्यू में ड्यूटी रेंजर नमित तिवारी, महेंद्र देवेंगन, नोवा नेचर से बबलू,राकेश मानिकपुरी, कमल चंद्रा की विशेष भूमिका रही।
