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छत्तीसगढ़ में मानसून फिर एक्टिव, बिलासपुर में बाढ़ के हालात:NH पर भरा पानी, स्कूलों में छुट्टी, नदी-नाले उफार पर, 5 मेमू ट्रेनें कैंसिल

रायपुर/बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से एक्टिव हो गया है। बिलासपुर में हो रही लगातार बारिश से नेशनल हाईवे पर जलभराव हो गया है। कई जगहों पर सड़क के ऊपर 4 से 5 फीट तक पानी बह रहा है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।

वहीं कोटमीसोनार में लीलागर नदी के पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इस मार्ग को भी एहतियातन बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।

मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश में अगले 3 दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। वहीं अगले एक सप्ताह तक अलग-अलग जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

आज (शुक्रवार) भी कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। रायपुर, दुर्ग समेत कई इलाकों में रातभर से बूंदाबांदी जारी है। उधर, रायगढ़ में गुरुवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से प्रभा एक्का (55) की मौत हो गई। वह जंगल में पुटू (जंगली मशरूम) बीनने गई थीं, तभी अचानक मौसम बदला और बिजली की चपेट में आ गईं।

बिलासपुर में श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, सरकंडा के बंधवापारा, जोरापारा और शिवम होम्स समेत कई इलाकों की सड़कों और घरों में पानी भर गया। हालात को देखते हुए बिलासपुर जिले के स्कूलों में आज छुट्टी कर दी गई है। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से 5 मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गई है। 3 के रूट बदले गए हैं।

जिले में पिछले 24 घंटे में औसतन 74.7 मिमी बारिश हुई है। सीपत में सबसे ज्यादा 110.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। दोमुहानी में 10 से ज्यादा घर टापू बन गए। जिससे रातभर पानी में परिवार फंसे रहा। वहीं, अरपा चेक डैम की नहर टूटने से देवरीखुर्द, मानिकपुर समेत आसपास के इलाकों में पानी घुस गया।

दरअसल, बिलासपुर में गुरुवार दोपहर से लगातार बारिश हो रही है। रात में मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। लगातार तेज बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर नाले का पानी बहने लगा, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।

रातभर हुई बारिश से शहर के कई मोहल्लों, कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर पानी भर गया। कई जगह सड़क और नाले का अंतर खत्म हो गया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। कई ट्रांसफॉर्मर जलमग्न हो गए हैं।

कलेक्टर के बंगले में भी पानी भर गया है, जहां नगर निगम की टीम जल निकासी में जुटी हुई है। वहीं, निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF की टीम लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में दो नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

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