कोरबा। माटी मूर्तिकार विकास समिति कोरबा के अध्यक्ष बिसाहू राम कुंभकार के नेतृत्व में जिलेभर के मूर्तिकारों की आपात बैठक हुई। इसमें हिंदू नारायणी सेना के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल सहित उनकी टीम के दो पंडित और पदाधिकारी करुणा निधि, श्याम सारथी, राम साहू, तरुण मिश्रा, संदीप श्रीवास, भरत यादव, राजेश महंत समेत अन्य सदस्य शामिल हुए। बैठक में गणेश प्रतिमाओं के स्वरूप और निर्माण में हो रही कथित त्रुटियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
दरअसल, हिंदू नारायणी सेना ने हाल ही में कोरबा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कुछ मूर्तिकारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। संगठन का आरोप था कि कुछ गणेश प्रतिमाओं में भगवान के पारंपरिक स्वरूप के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। कार्टून, बाल, एआई, नाचते-गाते और डांस करते स्वरूप में प्रतिमाएं बनाए जाने पर संगठन ने आपत्ति जताई। साथ ही पीओपी से प्रतिमाएं बनाने को पर्यावरण के लिए नुकसानदायक बताते हुए विरोध किया गया था। बैठक में सेना की ओर से प्रतिमाओं के आसन, सिर, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में सामने आई खामियों पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई। टीम में शामिल पंडितों ने मूर्तिकारों को धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुरूप प्रतिमा निर्माण के संबंध में जानकारी दी। इसके बाद मूर्तिकारों ने अपनी गलतियां स्वीकार करते हुए प्रतिमाओं में आवश्यक सुधार करने पर सहमति जताई। बैठक के बाद हिंदू नारायणी सेना और मूर्तिकारों की टीम ने शहर के अलग-अलग स्थानों पर बन रही गणेश प्रतिमाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बताई गई त्रुटियों को दूर करते हुए 100 से अधिक बड़ी गणेश प्रतिमाओं में तत्काल जरूरी सुधार किए गए।
मूर्तिकारों ने बैठक में प्रस्ताव पारित कर भविष्य में भगवान के स्वरूप से इस तरह की छेड़छाड़ नहीं करने का संकल्प लिया। हिंदू नारायणी सेना ने कहा कि संगठन का उद्देश्य हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा व मजबूती है। पूजा समितियों से भी अपील की गई कि धार्मिक आयोजनों में आधुनिकता के नाम पर भगवान के वास्तविक स्वरूप में बदलाव न कराया जाए और प्रतिमाओं का निर्माण धार्मिक ग्रंथों, वेदों व शास्त्रों में वर्णित स्वरूप के अनुरूप कराया जाए।
