डेढ़ से दो किलोमीटर दूर केंद्र, बीच में बड़ी नहर, महिलाओं ने भाजपा नेता राजेश यादव को सौंपा ज्ञापन
कोरबा/कनबेरी/कटघोरा, 21 सितंबर 2026। ग्राम पंचायत कनबेरी के आश्रित ग्राम भलपहरी के मोहल्ला चारपारा में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने के कारण 40 से अधिक छोटे बच्चों को शासन की विभिन्न योजनाओं का समुचित लाभ लेने में परेशानी हो रही है। मोहल्ले की महिलाओं के अनुसार वर्तमान आंगनबाड़ी केंद्र लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर दूर है और बच्चों को वहां पहुंचने के रास्ते में बड़ी नहर पड़ती है।
महिलाओं ने बताया कि नहर के कारण छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है। कुछ वर्ष पूर्व नहर में डूबने से एक बच्चे की मृत्यु भी हो चुकी है। इसके बावजूद चारपारा में अब तक आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था नहीं की गई है।
केंद्र दूर होने के कारण बच्चों को पोषण आहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाओं तथा प्रारंभिक शिक्षा जैसी सुविधाओं का नियमित लाभ लेने में परेशानी हो रही है। वहीं, कामकाजी महिलाओं के लिए भी छोटे बच्चों को दूर स्थित केंद्र तक ले जाना मुश्किल हो रहा है।
इसी समस्या को लेकर मोहल्ले की महिलाओं हेमाबाई, लक्ष्मीन, शांति, प्रियंका, नंदनी बाई, अनिता जगत, राधा कश्यप सहित अन्य महिलाओं ने भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक राजेश यादव को ज्ञापन सौंपकर चारपारा में नवीन आंगनबाड़ी केंद्र अथवा पालना घर की व्यवस्था कराने की मांग की।कटघोरा विकास खंड के ब्लॉक समन्वयक रुक्मणी यादव, प्रेरक कमलेश लहरे ने इस विषय को अपने कार्ययोजना मे शामिल किया है।
बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : राजेश यादव
राजेश यादव ने कहा कि छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रखना गंभीर विषय है। जिस रास्ते में बड़ी नहर पड़ती हो और जहां पहले एक बच्चे की डूबने से मृत्यु हो चुकी हो, वहां मासूम बच्चों को डेढ़-दो किलोमीटर दूर भेजना उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कर चारपारा में आंगनबाड़ी केंद्र अथवा पालना घर की व्यवस्था करे। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि चारपारा की स्थिति का स्थल निरीक्षण कर बच्चों की संख्या, दूरी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र उचित निर्णय लिया जाए, ताकि बच्चों और कामकाजी महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ उनके घर के नजदीक मिल सके।
ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर, जिला कोरबा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कोरबा तथा खंड परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना, कटघोरा को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।

