अचानकमार टाइगर रिजर्व में मानव-वन्यजीव द्वंद्व रोकने के उपाय एवं वन्यप्राणी प्रबंधन की दी गई विस्तृत जानकारी
मुंगेली, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के पांचवें दिन वनरक्षक प्रशिक्षण शाला सक्ती के 69वें सत्र के 20 वनरक्षक प्रशिक्षणार्थियों के दल ने अचानकमार टाइगर रिजर्व का भ्रमण किया। इस दौरान प्रशिक्षु वनरक्षकों को वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक आवास प्रबंधन, आधुनिक निगरानी तकनीक एवं वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण सैद्धांतिक एवं मैदानी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान रेंज ऑफिसर सुरही एवं प्रभारी एंटी पोचिंग स्क्वाड तथा स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स अमर सिंह यादव एवं ट्रैप कैमरा विशेषज्ञ राजकुमार यादव ने प्रशिक्षार्थियों को फील्ड में ट्रैप कैमरा लगाने का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षार्थियों को ट्रैप कैमरा स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान का चयन, सही एंगल, कैमरा लगाने का तरीका एवं अन्य तकनीकी बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इससे प्रशिक्षु वनरक्षकों को वन्यजीवों की गतिविधियों की आधुनिक तकनीक से निगरानी करने की व्यावहारिक समझ मिली। फील्ड प्रशिक्षण के दौरान परिक्षेत्र अधिकारी अचानकमार श्रीमती वर्षा गर्ग एवं भूषण द्वारा ग्रासलैंड मैनेजमेंट की जानकारी दी गई। प्रशिक्षणार्थियों को खाद्य एवं अखाद्य घासों की पहचान, उनके प्रबंधन तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में घासभूमि के महत्व के संबंध में विस्तार से समझाया गया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने मौके पर ग्रासलैंड प्रबंधन की गतिविधियों को समझते हुए वन्यजीवों के लिए बेहतर प्राकृतिक आवास विकसित करने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।
विशेष रिसोर्स पर्सन मंसूर अली खान, वन्यप्राणी विशेषज्ञ एवं प्रोजेक्ट एलीफेंट की स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य की विशेष उपस्थिति में वन्यजीवों के व्यवहार, मानव-वन्यजीव द्वंद्व को रोकने के उपाय एवं वन्यप्राणी प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। श्री खान ने अपने अनुभव साझा करते हुए वन्यजीवों के व्यवहार को समझने, मानव-वन्यजीव संघर्ष की परिस्थितियों को कम करने तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रभावी उपायों पर प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन किया। सुरेश नवरंग, वनपाल ने वन्यप्राणी अपराधों की रोकथाम के लिए आसूचना संग्रहण, प्राप्त सूचना के उपयोग तथा उसके आधार पर की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षणार्थियों को वन्यजीव अपराधों की रोकथाम में सतर्कता, सूचना तंत्र एवं समयबद्ध कार्यवाही के महत्व से अवगत कराया गया।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशिक्षु वनरक्षकों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण की वास्तविक मैदानी परिस्थितियों से परिचित कराना और उनकी व्यावहारिक कार्यकुशलता को मजबूत करना रहा। ट्रैप कैमरा तकनीक, ग्रासलैंड मैनेजमेंट, वन्यजीव व्यवहार, मानव-वन्यजीव द्वंद्व एवं वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण ने प्रशिक्षार्थियों को संरक्षण कार्यों की व्यापक समझ प्रदान की। प्रशिक्षण सत्र में गुलशन कुमार साहू, सहायक संचालक एटीआर करगीरोड कोटा, श्रीमती वर्षा गर्ग, परिक्षेत्र अधिकारी अचानकमार, अमर सिंह यादव, रेंज ऑफिसर सुरही एवं प्रभारी एंटी पोचिंग स्क्वाड एवं स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स, राजकुमार यादव सहित संबंधित मैदानी अमला उपस्थित रहा।
