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नम: सामूहिक विवाह का दिव्य आयोजन:108 दिव्यांग/निर्धन जोड़ों को मिला पंडित धीरेंद्र शास्त्री का सानिध्य एवं राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद

शुभता का संदेश:नवदम्पत्तियों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय

कोरबा/ढपढप। अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा प्रबंधन की पहल पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं ढपढप की पावन धरती में परिणय सूत्र में आबद्ध हुए। नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जहां सानिध्य मिला, वहीं छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद मिला। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक, पुजारी एवं राजपुरोहित पंडित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने शुभता का संदेश दिया और कहा कि नवयुगल नवदाम्पत्य जीवन में सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन को प्राप्त करें। श्री पाण्डेय ने कहा कि मातारानी के आशीर्वाद से हमें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि हम इतना विशाल और भव्यता के साथ यह नेक कार्य कर सके।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दिव्य वाणी से गूंजता रहा मंत्रोच्चार

ढपढप की पावन धरती में जब 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं शादी के जोड़े में सजधज कर कथा स्थल/विवाह स्थल पहुंचे तो हजारों लोग जहां कन्यादान के लिए घराती बने, वहीं दुल्हों की ओर से भी बाराती के रूप में हजारों लोग शामिल हुए और जब सौभाग्यकांक्षी, चिरंजीवियों का मिलन हुआ, तो चारों तरफ से सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन का आशीर्वाद के लिए पुष्पवर्षा हुई और जब युगल सात फेरे ले रहे थे, तो हनुमंत भक्त पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चार चारों तरफ गूंजने लगा। घराती-बाराती इस दिव्य नम: सामूहिक विवाह से उल्लास और उमंग के साथ नाचने, गाने लगे। इस दिव्य दृश्य को देखकर हर कोई रोमांचित हो रहा था। दिव्यांगों और निर्धनों के इस अनुपम परिणय उत्सव को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो प्रकृति ने भी अपनी सारी खुशी इन नवयुगलों के जीवन में उड़ेल दिया हो और इन्हें आशीर्वाद दे रही हो। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में यह जीवन का उत्सव सम्पन्न हुआ और उनका शुभ आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
राज्यपाल रमेन डेका ने नवयुगलों को दिया शुभ आशीर्वाद, 05-05 हजार देने की घोषणा

प्रोटोकाल के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ठीक 11.00 बजे परिणय स्थल ढपढप पहुंचे और नवयुगलों को अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सभी नवदम्पत्तियों को 05-05 हजार देने की घोषणा की।
आयोजन समिति ने उपहार देकर नवदम्पत्तियों को विदा किया

आयोजन समिति दिव्यांगों एवं निर्धन कन्याओं का अभिभावक के रूप में शादी का खर्चा उठाया और नवयुगलों को उपहार दिया। आयोजन समिति ने 108 निर्धन/दिव्यांग कन्याओं को नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया।
लाखों हाथों ने दिया शुभ आशीर्वाद

कोरबा में पहली बार दिव्यता, भव्यता और इतना बड़ा विशाल जनसमूह ढपढप की पावन धरती पर दिखा। एक तरफ 05 दिवसीय दिव्य श्रीहनुमंत कथा सम्पन्न हो रही थी, दूसरी तरफ 108 निर्धन एवं दिव्यांग कन्याओं का घर बस रहा था। करीब 01.00 लाख लोग यहां मौजूद थे। लाखों हाथों ने इन दिव्य एवं गरीब कन्याओं को पूरे मन से अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया और खुशहाल, समृद्ध जीवन के लिए प्रभु से कामना की।
शुभता का संदेश:नवयुगलों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय

इस दिव्य आयोजन की सफलता के लिए आयोजन समिति और कोरबा वासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नमन पाण्डेय ने दिव्यांग/निर्धन 108 कन्याओं के नवजीवन में प्रवेश करने पर शुभता का संदेश दिया और कहा कि मातारानी नवदम्पत्तियों के जीवन में खुशहाली एवं समृद्धि लाए और उनके जीवन को वैभवशाली बनाए।

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